तड़ीपार होने के बावजूद दिल्ली में आतंक मचाने वाला शातिर झपटमार गिरफ्तार; दो रिसीवर भी दबोचे, 10 मोबाइल व चोरी की स्कूटी बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के सेंट्रल जिले की आई.पी. एस्टेट (इंद्रप्रस्थ एस्टेट) थाना पुलिस टीम ने स्ट्रीट क्राइम और संगठित स्नैचिंग सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक हाईटेक और व्यापक मैनहंट के बाद दिल्ली से तड़ीपार किए गए एक बेहद शातिर व आदतन झपटमार और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले दो रिसीवरों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान शाहरुख (26) निवासी शास्त्री पार्क, दिल्ली के रूप में हुई है, जो शास्त्री पार्क थाने का घोषित बैड कैरेक्टर है। इसके अलावा चोरी के आभूषण व मोबाइल खरीदने वाले दो रिसीवरों—तोसिफ (30) निवासी न्यू उस्मानपुर और नूरुद्दीन (33) निवासी खजुरी को भी दबोचा गया है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर विभिन्न इलाकों से झपटे गए 10 मोबाइल फोन (जिसमें पीड़ित का आईफोन-13 शामिल है) और वारदात में इस्तेमाल की जा रही चोरी की एक स्कूटी बरामद की है। इस प्रभावी कार्रवाई से पुलिस ने आरोपी शाहरुख के खिलाफ दर्ज लूट, झपटमारी और चोरी के 39 से अधिक मामलों का सनसनीखेज खुलासा किया है।

सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 13 मई को आई.पी. एस्टेट थाने में मोबाइल झपटमारी की एक गंभीर वारदात सामने आई थी। पीड़ित शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने पिता के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर प्रगति मैदान की तरफ जा रहा था। सुबह करीब 06:45 बजे जब वे बहादुर शाह जफर मार्ग पर प्यारे लाल भवन के सामने पहुंचे, तभी पीछे से एक स्कूटी पर सवार दो अज्ञात लड़के आए और पलक झपकते ही पीड़ित के हाथ से उसका कीमती आईफोन-13 झपटकर लक्ष्मी नगर की तरफ फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर आई.पी. एस्टेट थाने में बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कश्मीरी गेट के एसीपी राजीव भारद्वाज के समग्र पर्यवेक्षण और आई.पी. एस्टेट के एसएचओ इंस्पेक्टर नरेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष क्रैक टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर अमित यादव, मनीष कुमार, हेड कांस्टेबल अविनाश, रोहताश, राजेंद्र, कांस्टेबल सुरेंद्र और यशवीर शामिल थे।

जांच टीम ने तकनीकी सर्विलांस को मजबूत करते हुए आईटीओ, सराय काले खाँ, राजघाट, कोतवाली और कश्मीरी गेट इलाकों में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीक विश्लेषण किया। लगातार कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने संदिग्धों का रूट ट्रैक किया, जिससे पता चला कि आरोपी वारदात के बाद शास्त्री पार्क इलाके की तरफ भागे हैं। स्थानीय खुफिया जानकारी से मुख्य आरोपी की पहचान शास्त्री पार्क के घोषित बैड कैरेक्टर शाहरुख के रूप में हुई। वेरिफिकेशन के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि आरोपी शाहरुख को नवंबर 2025 में एडिशनल डीसीपी द्वारा एक साल के लिए दिल्ली की सीमा से तड़ीपार किया गया था। इसके बावजूद वह दिल्ली में छिपकर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा था।

इसके बाद, पुलिस टीम ने आरोपी शाहरुख के परिवार और करीबियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड् का गहन तकनीकी विश्लेषण किया, जिससे उसके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एक गुप्त मोबाइल नंबर का सुराग हाथ लगा। तकनीकी लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने भजनपुरा इलाके में रणनीतिक जाल बिछाया और 19 मई को आरोपी शाहरुख को सफलतापूर्वक दबोच लिया।

थाने लाकर की गई कड़ाई से पूछताछ के दौरान शाहरुख ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि वह अपने फरार साथी आसिफ के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देता था। उसने खुलासा किया कि वे छीने गए मोबाइल फोन न्यू उस्मानपुर के रहने वाले तोसिफ और खजुरी के नूरुद्दीन को बेचते थे। शाहरुख की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर तोसिफ को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 6 चोरी के मोबाइल मिले। इसके बाद दूसरे रिसीवर नूरुद्दीन को भी पकड़ा गया, जिसके पास से 4 अन्य मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके साथ ही आई.पी. एस्टेट इलाके से ही चोरी की गई एक स्कूटी भी बरामद की गई, जिसका इस्तेमाल वे झपटमारी के लिए करते थे।

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर आरोपी शाहरुख का डरावना आपराधिक इतिहास सामने आया। वह दिल्ली के अलग-अलग थानों में दर्ज लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और झपटमारी के 29 संगीन मामलों में पहले से शामिल रहा है। इसके अलावा, हाल ही में आई.पी. एस्टेट थाने के अंतर्गत हुई स्नैचिंग और चोरी की 10 नई वारदातों में भी उसकी सीधे तौर पर संलिप्तता पाई गई है। पुलिस ने तोसिफ और शाहरुख को जेल भेज दिया है, जबकि नूरुद्दीन को कानूनी प्रावधानों के तहत बाउंड डाउन किया गया है। आई.पी. एस्टेट थाना पुलिस अब फरार आरोपी आसिफ की गिरफ्तारी और बरामद मोबाइलों के असली मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है।

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