महिला से मोबाइल झपट कर भागने वाले 3 नाबालिग जहांगीरपुरी से पकड़े गए, बुराड़ी थाना पुलिस ने छीना गया मोबाइल और स्कूटी की बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के नॉर्थ जिले की बुराड़ी थाना पुलिस टीम ने स्ट्रीट क्राइम और राहजनी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक महिला से हुई मोबाइल झपटमारी की वारदात को सुलझा लिया है और इस संबंध में वारदात में शामिल तीन नाबालिगों को जहांगीरपुरी इलाके से पकड़ लिया है। पकड़े गए नाबालिगों में एक की उम्र 13 वर्ष, दूसरे की 17 वर्ष और तीसरे की 14 वर्ष है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली है। इस सफलता से पुलिस ने बुराड़ी थाने में दर्ज झपटमारी के एक मामले का सफल पर्दाफाश किया है।

नॉर्थ जिले के डीसीपी राजा बंठिया ने बताया कि 11 मई की रात करीब 08:40 बजे बुराड़ी थाने में मोबाइल झपटमारी के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। बुराड़ी के उत्तराखंड एनक्लेव निवासी पीड़ित महिला रजनी राजबेटी ने बताया कि वह शाम के समय अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से आजादपुर जा रही थीं। रास्ते में बुराड़ी रिंग रोड के लूप पर उन्होंने एक फोन आने के कारण अपनी मोटरसाइकिल रोकी और वह फोन पर बात करने लगीं। इसी दौरान एक स्कूटी पर रॉन्ग साइड से सवार होकर आए तीन अज्ञात लड़कों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और आजादपुर की तरफ फरार हो गए। इस शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बुराड़ी थाने में बीएनएस की धारा 304(2)/3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बुराड़ी सब-डिसीजन के एसीपी शशिकांत गौर के मार्गदर्शन और बुराड़ी थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र रतूड़ी के नेतृत्व में एक समर्पित विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें आशियाना बीट और टेक्निकल स्टाफ के एएसआई सुधीर, हेड कांस्टेबल रईस, प्रदीप, रोहताश, दिनेश, परवेश और कांस्टेबल सोनू व उत्तम को शामिल किया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम के सामने आरोपियों का कोई सुराग नहीं था, जिसके बाद टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीक विश्लेषण करना शुरू किया। फुटेज में तीन लड़के स्कूटी पर सवार होकर आजादपुर की तरफ भागते हुए दिखाई दिए। पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनका पीछा करना शुरू किया और बुराड़ी से लेकर जहांगीरपुरी तक के करीब 10 किलोमीटर लंबे रूट पर लगे दर्जनों कैमरों को खंगाला। इस कशमकश और जमीनी स्तर पर की गई कड़ियों की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के छिपने के ठिकाने को जहांगीरपुरी इलाके में चिन्हित कर लिया। आखिरकार, 16 मई को पुलिस टीम ने जहांगीरपुरी में छापेमारी कर तीनों नाबालिगों को सफलतापूर्वक पकड़ लिया।

पूछताछ के दौरान पकड़े गए किशोरों ने झपटमारी की इस वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली है। उन्होंने खुलासा किया कि वे छीने गए मोबाइल फोन को बेचने के लिए किसी अच्छे खरीदार की तलाश में थे, लेकिन इससे पहले कि वे उसे बेच पाते, पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इनमें से दो नाबालिग जुए और शराब के गंभीर आदी हैं। अपनी इसी बुरी लत को पूरा करने और जेब खर्च के लिए आसानी से पैसे कमाने की चाहत में उन्होंने अपराध का रास्ता चुना। जांच में पता चला है कि वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी इनमें से एक नाबालिग के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने बरामद मोबाइल और स्कूटी को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया है और नाबालिगों को नियमानुसार बाल सुधार गृह भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More