दिल्ली आए हिमाचल के कारोबारी के बैग से 5 लाख उड़ाने वाला गिरोह बेनकाब, ऑटो चालक समेत 2 लुटेरे गिरफ्तार, 3 लाख नगद बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के नई दिल्ली जिले की मंदिर मार्ग थाना पुलिस टीम ने राजधानी में आने वाले बाहरी राज्यों के यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर ऑटो चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बुजुर्ग से हुई 5 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी की वारदात को सुलझा लिया है और इस संबंध में ऑटो चालक समेत दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऑटो चालक लक्ष्मण यादव उर्फ संतोष (40 वर्ष) निवासी खिचड़ीपुर, दिल्ली और जाकिर मियां (55 वर्ष) निवासी त्रिलोकपुरी, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से चोरी की गई रकम में से 3 लाख रुपये की नगदी और वारदात में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा बरामद कर लिया है।

नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि 9 मई को हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा निवासी पीड़ित त्रिलोक चंद (58 वर्ष) ने मंदिर मार्ग थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वह दिल्ली में आभूषण खरीदने के लिए अपने बैग में 5 लाख रुपये नगद लेकर आए थे। 7 मई को दोपहर करीब 2:30 बजे जब वह निर्माण विहार बस स्टैंड के पास खड़े थे, तब उन्होंने एक शेयरिंग ऑटो किराए पर लिया। उस ऑटो में पहले से एक महिला समेत कई अज्ञात लोग बैठे हुए थे। यात्रा के दौरान ऑटो के भीतर अत्यधिक भीड़ होने का बहाना बनाकर चालक ने पीड़ित को अपना बैग सीट के पीछे रखने की सलाह दी। गंतव्य पर पहुंचकर जब पीड़ित ऑटो से उतरे और अपना बैग चेक किया, तो उनके होश उड़ गए; बैग के भीतर रखे पूरे 5 लाख रुपये गायब थे। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मंदिर मार्ग थाने में बीएनएस की धारा 305(b)/3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए कनॉट प्लेस सब-डिवीजन के एसीपी के समग्र पर्यवेक्षण और मंदिर मार्ग थाने के एसएचओ के नेतृत्व में एक विशेष समर्पित टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर राजीव कुमार, हेड कांस्टेबल मक्खन लाल, रईस खान, दिनेश कुमार और कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार को शामिल किया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपियों ने पुलिस और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए ऑटो की नंबर प्लेट को फूलों की माला से पूरी तरह छिपा रखा था। लेकिन पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और घटनास्थल के पूरे रूट के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फॉरवर्ड व बैकवर्ड रूट मैपिंग की। इस बारीक तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आखिरकार पुलिस ने उस संदिग्ध ऑटो की पहचान कर ली। इसके बाद त्रिलोकपुरी और खिचड़ीपुर के इलाकों में स्थानीय स्तर पर की गई कड़ियों की जांच से आरोपियों का सुराग मिल गया।

पुलिस टीम ने 17 मई को जाल बिछाकर सबसे पहले ऑटो चालक लक्ष्मण यादव उर्फ संतोष को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 30,000 रुपये नगद और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद हो गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कुबूल किया कि उसने अपने साथियों जाकिर मियां, एक महिला और अन्य लोगों के साथ मिलकर इस चोरी की पूरी साजिश रची थी। लक्ष्मण यादव से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने 20 मई को त्रिलोकपुरी में छापेमारी कर मुख्य आरोपी जाकिर मियां को भी धर दबोचा। जाकिर मियां की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से 2,70,000 रुपये की भारी नगद राशि बरामद की। जाकिर ने स्वीकार किया कि जब पीड़ित का ध्यान भटका हुआ था, तब उसने ही चुपके से बैग से पैसे निकाले थे।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बेहद शातिर और आदतन अपराधी हैं, जो पहले भी दिल्ली और आसपास के राज्यों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और चोरी की संपत्ति रखने के कई मामलों में शामिल रह चुके हैं। मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने बरामद 3 लाख रुपये और ऑटो को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया है। पुलिस अब गिरोह की फरार महिला साथी और अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी तथा बाकी बचे 2 लाख रुपये बरामद करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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