दिल्ली से यूपी तक फैले अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह का पर्दाफाश, मास्टर ऑटो-लिफ्टर गिरफ्तार, 3 गाड़ियां और रिवॉल्वर बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड) पुलिस टीम ने संगठित अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोहों के खिलाफ एक बहुत बड़ी और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश आधारित सिंडिकेट के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुसाहिद पुत्र रहीस (35 वर्ष) निवासी ग्राम सुजाडू, थाना कोतवाली, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के कब्जे और निशानदेही से चोरी की तीन चारपहिया गाड़ियां, दो जिंदा कारतूस के साथ एक अवैध रिवॉल्वर, एक लैपटॉप और एक चोरी की नंबर प्लेट बरामद की है। इस बड़ी कामयाबी से पुलिस ने दिल्ली के सुभाष प्लेस, मौर्य एन्क्लेव, अशोक विहार और आदर्श नगर थानों से जुड़े वाहन चोरी के 4 अलग-अलग मामलों का सफल पर्दाफाश किया है।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने इस हाई-टेक ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एएटीएस टीम थाना शालीमार बाग क्षेत्र से चोरी हुई एक वैगनआर कार की गतिविधियों को लगातार ट्रैक कर रही थी, जिसके संबंध में 10 मई को ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण से एक चौंकाने वाला सुराग मिला कि आरोपी वारदात के लिए जिस स्विफ्ट कार का इस्तेमाल कर रहे थे, वह गाड़ी खुद भी 3 मई को अशोक विहार इलाके से चोरी की गई थी। इससे साफ हो गया कि यह गिरोह पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले से चोरी की गई गाड़ियों का इस्तेमाल आगे के अपराधों में कर रहा था।

मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए एएटीएस के प्रभारी इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इस्पेक्टर रवि, एएसआई विनोद, किरणपाल, हेड कांस्टेबल विक्रम, प्रवीण, कमल, महिला हेड कांस्टेबल ममता और कांस्टेबल ओमप्रकाश, करण, शुभम, निशांत व दीपक शामिल थे। इस टीम ने ऑपरेशन्स सेल के एसीपी श्री रणजीत ढाका के कुशल मार्गदर्शन में काम शुरू किया। टीम ने आरोपियों के भागने के रूट को डिकोड करने के लिए दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैले करीब 1920 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। इस दौरान टीम ने आरोपियों का पीछा यूपी के बड़ौत तक किया।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के दौरान लगातार सात दिनों तक पीछा करने के बाद पुलिस ने देखा कि आरोपी बार-बार कारों की नंबर प्लेट बदल रहे थे। उन्होंने आदर्श नगर इलाके से चोरी की गई एक नंबर प्लेट को चोरी की स्विफ्ट कार पर लगा रखा था। इसी बीच 17 और 18 मई की मध्यरात्रि को एएटीएस को एक ठोस गुप्त सूचना मिली कि मुख्य सरगना मुसाहिद एक बार फिर दिल्ली में वैगनआर कार चोरी करने की फिराक में आया हुआ है। पूरी साजिश को नाकाम करने के लिए इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने तुरंत रणनीति बदलते हुए टीम को दो भागों में बांट दिया। एक टीम को बड़ौत में बैकअप और निगरानी के लिए लगाया गया, जबकि दूसरी टीम ने दिल्ली में जाल बिछाकर आरोपी मुसाहिद को चारों तरफ से घेरकर सफलतापूर्वक दबोच लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध रिवॉल्वर, 2 जिंदा कारतूस और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों का जखीरा व एक लैपटॉप बरामद हुआ। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की तीन कारें जब्त कीं। पूछताछ में मुसाहिद ने कुबूल किया कि वह मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और शॉर्टकट तरीके से जल्द से जल्द अमीर बनने के लालच में वह वाहन चोरी के धंधे में आया था। वह दिल्ली से गाड़ियां चुराकर फर्जी नंबर प्लेटों के सहारे आसानी से उत्तर प्रदेश ले जाता था और वहां के रिसीवरों को बेच देता था। रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी मुसाहिद के खिलाफ पहले से ही वाहन चोरी के 5 मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर यूपी में उसके सहयोगियों और चोरी की गाड़ियां खरीदने वाले नेटवर्क का पता लगा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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