मेवात के अंतरराज्यीय हथियार सप्लायर गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य सरगना गिरफ्तार, 14 पिस्तौल और 20 कारतूस बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिले की स्पेशल स्टाफ पुलिस टीम ने अवैध हथियारों की तस्करी और आपराधिक गैंग्स के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ के तहत एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मेवात क्षेत्र से संचालित होने वाले एक अंतरराज्यीय हथियार सप्लायर गिरोह का भंडाफोड़ किया है और इसके मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरमेश सिंह उर्फ रमेश सिंह उर्फ मेचू (47 वर्ष) निवासी ग्राम सेहसन, थाना जुरहरा, जिला डीग, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने इस पूरे मामले में अब तक रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल 14 पिस्तौल तथा 20 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कुख्यात सप्लायर की गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अपराधियों और गैंगस्टरों को हथियारों की खेप पहुंचाने वाले एक बड़े सिंडिकेट की कमर टूट गई है।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिं बताया कि जिले में अवैध हथियारों के प्रसार को रोकने और गंभीर वारदातों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए “नो गन्स, नो गैंग्स” ऑपरेशन के तहत जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इसी अभियान के तहत 13 सितंबर को मानवीय और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर स्पेशल स्टाफ ने एक अंतरराज्यीय हथियार सप्लायर कुंवर पाल उर्फ कपिल (निवासी मथुरा, यूपी) को 8 देसी पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में बाबा हरिदास नगर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

आरोपी कुंवर पाल से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ था कि वह यह हथियार राजस्थान के मेवात क्षेत्र के रहने वाले हरमेश सिंह उर्फ मेचू के इशारे पर दिल्ली में सप्लाई करने आया था। इस खुलासे के बाद मुख्य सप्लायर हरमेश सिंह पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिसके बाद पुलिस ने अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल किया। मुख्य सरगना की धरपकड़ के लिए एसीपी (ऑपरेशंस सेल) सुभाष मलिक के पर्यवेक्षण और स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में एक जांबाज टीम का गठन किया गया, जिसमें एएसआई रस्मुद्दीन, एएसआई राजविंदर, हेड कांस्टेबल बच्चू सिंह, सुधीर, देव प्रकाश और कांस्टेबल परविंदर शामिल थे।

पुलिस टीम ने लगातार तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी का पीछा किया और 18 मई को राजस्थान के डीग जिला अंतर्गत मेवात के जुरहरा थाना क्षेत्र में स्थित एक गांव में योजनाबद्ध तरीके से भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए वांछित आरोपी हरमेश सिंह उर्फ मेचू को सफलतापूर्वक धर दबोचा।

थाने लाकर की गई गहन और सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी हरमेश सिंह ने हथियार सप्लाई के इस काले धंधे में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके गुप्त ठिकाने से 1 अत्याधुनि पिस्तौल, 5 अन्य देसी पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए। इस तरह पहले पकड़े गए आरोपी और हरमेश की निशानदेही को मिलाकर अब तक कुल 14 पिस्तौल और 20 कारतूस जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 47 वर्षीय हरमेश सिंह एक शातिर और पुराना अपराधी है, जो इससे पहले भी आर्म्स एक्ट और अन्य संगीन अपराधों के 5 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह यह हथियार कहां बनाता या खरीदता था और दिल्ली-एनसीआर में उसके इस नेटवर्क से कौन-कौन से स्थानीय बदमाश और गैंग जुड़े हुए हैं। मामले की आगे की जांच तेजी से जारी है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More