किराना दुकान से कैश बॉक्स उड़ाने वाले तमिलनाडु के दो कुख्यात चोर मदनगीर से गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और नकदी बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के वेस्ट जिले की नारायणा थाना पुलिस टीम ने तत्परता और आधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए किराना दुकान से कैश बॉक्स चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो बेहद शातिर और कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप (23 वर्ष) निवासी इंद्रपुरी (दिल्ली) और दयाल (25 वर्ष) निवासी आंबेडकर नगर (दिल्ली) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी और चोरी की गई रकम में से कुछ नकदी बरामद की है। इस कार्रवाई से पुलिस ने नारायणा थाने में दर्ज चोरी के एक सनसनीखेज मामले का सफल खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी इलाके के घोषित बदमाश हैं और उनके खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के कुल 39 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

वेस्ट जिले के डीसीपी दरड़े शरद भास्कर ने बताया कि 16 मई की सुबह करीब 08:18 बजे नारायणा थाने में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता राजकुमार गुप्ता ने सूचना दी कि रिंग रोड, नारायणा स्थित उनकी किराना दुकान से स्कूटी सवार दो अज्ञात बदमाशों ने रुपयों से भरा कैश बॉक्स चोरी कर लिया है और फरार हो गए हैं। पीड़ित के अनुसार, उस गल्ले में लगभग 50,000 रुपये की नगद राशि रखी हुई थी। इस शिकायत पर तुरंत एक्शन लेते हुए नारायणा थाने में बीएनएस की धारा 305/3(5) के तहत ई-एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

दुकानदारों की सुरक्षा और चोरी की इस वारदात को सुलझाने के लिए एटीओ नारायणा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसमें एएसआई अशोक, हेड कांस्टेबल पवन, हेड कांस्टेबल संजीव संधू, हेड कांस्टेबल कुलदीप और कांस्टेबल रिंकू को शामिल किया गया। इस पूरी कार्रवाई को मायापुरी सब-डिवीजन के एसीपी के करीबी और कुशल पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास की इमारतों में लगे निजी तथा सरकारी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीक विश्लेषण किया। फुटेज की जांच के दौरान पूरी वारदात कैमरे में कैद पाई गई, जिसमें दो आरोपी दुकान से गल्ला चुराते नजर आए। स्कूटी चलाने वाले आरोपी ने हेलमेट पहन रखा था और गाड़ी पर डिफेक्टिव नंबर प्लेट लगी थी, लेकिन पीछे बैठे दूसरे आरोपी का चेहरा बिना हेलमेट के साफ दिखाई दे रहा था। पुलिस ने आधुनिक तकनीक एफआरएस और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पीछे बैठे आरोपी की पहचान संदीप के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह फरार मिला। पुलिस ने हार न मानते हुए सीसीटीवी ट्रेल और खुफिया जानकारी के आधार पर साउथ दिल्ली के मदनगीर इलाके में घेराबंदी की और आरोपी संदीप को धर दबोचा। उसकी निशानदेही पर उसके साथी दयाल को भी मदनगीर से गिरफ्तार कर लिया गया।

थाने लाकर की गई गहन पूछताछ में दोनों आरोपियों ने किराना दुकान में चोरी करने का जुर्म कुबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और चोरी की रकम में से 3,800 रुपये बरामद कर लिए गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपी बेहद शातिर और आदतन अपराधी हैं। 23 वर्षीय संदीप इंद्रपुरी थाने का घोषित बदमाश है, जो पहले से झपटमारी, लूट और आर्म्स एक्ट के 24 से अधिक मामलों में शामिल रहा है। वहीं, 25 वर्षीय दयाल आंबेडकर नगर थाने का घोषित बदमाश है और वह भी चोरी व स्नैचिंग के 15 से ज्यादा मामलों में संलिप्त रह चुका है। ये दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और अपनी इसी लत को पूरा करने के लिए वारदातों को अंजाम देते थे। फिलहाल पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है और चोरी की बाकी रकम की बरामदगी के लिए आगे की जांच जारी है।

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