एंटी-नारकोटिक्स सेल की ने नशीली गोलियों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, 17,800 अल्प्राजोलम गोलियां बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिला की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए एक अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 17,800 अल्प्राजोलम गोलियां बरामद की हैं। बरामद की गई गोलियों का कुल वजन 2 किलोग्राम से अधिक है, जो भारत में अधिसूचित व्यावसायिक मात्रा से 20 गुना ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब ₹3 लाख आंकी गई है।

सेंट्रल जिला के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली को नशा मुक्त बनाने के मिशन के तहत एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा के मार्गदर्शन और एएनसी प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप यादव के नेतृत्व में एएसआई सुधीर, हेड कांस्टेबल दिलशाद और कांस्टेबल इंद्रजीत की एक टीम गठित की गई थी। टीम को 11 मई को संतोष नामक व्यक्ति के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, जो इलाके में नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाला था।

पुलिस टीम ने शांति वन रेड लाइट के पास जाल बिछाया और स्कूटी पर सवार संतोष कुमार ठाकुर (35 वर्ष) को रोका। तलाशी के दौरान उसकी स्कूटी पर रखे एक कार्टन से 15,000 अल्प्राजोलम गोलियां बरामद हुईं। इस संबंध में दरियागंज थाने में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

पूछताछ के दौरान संतोष ने खुलासा किया कि वह ये गोलियां साहिबाबाद, गाजियाबाद स्थित ‘श्री कृष्णा मेडिकोज’ के मालिक आनंद कुमार वैष्णव (45 वर्ष) से लाया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की और वहां से 2,800 अतिरिक्त गोलियां बरामद कीं। इसके बाद मुख्य सप्लायर की पहचान पिलखुवा, हापुड़ के रहने वाले शेरखान (27 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस ने 13 मई को हापुड़ के मोहल्ला सद्दीकपुरा में छापेमारी कर शेरखान को भी गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया कि शेरखान खुद एक मेडिकल स्टोर चलाता है और दवाओं का थोक विक्रेता भी है। वह आनंद कुमार वैष्णव को इन नशीली गोलियों की सप्लाई करता था, जो आगे संतोष के जरिए दिल्ली के विभिन्न इलाकों में पहुंचाई जाती थीं।

अल्प्राजोलम एक ‘शेड्यूल्ड साइकोट्रोपिक’ दवा है, जिसे बिना वैध डॉक्टर के पर्चे और लाइसेंस के बेचना या परिवहन करना दंडनीय अपराध है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शेरखान के पास इन दवाओं की इतनी बड़ी खेप कहां से आ रही थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस कार्रवाई से दिल्ली और एनसीआर में नशीली दवाओं की अवैध तस्करी पर बड़ी चोट पहुंची है। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है।

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