मोबाइल टावरों से कीमती उपकरण चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 10 RRU यूनिट्स के साथ 3 तस्करों को दबोचा

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाना पुलिस ने मोबाइल टावरों से कीमती रिमोट रेडियो यूनिट्स (RRU) चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दो चोरों और चोरी का सामान खरीदने वाले एक रिसीवर सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 10 चोरी की हुई RRU यूनिट्स बरामद की हैं, जिनकी बाजार में कीमत करीब 40 से 60 लाख रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित पांचाल, लोकेश और मेरठ निवासी चांद के रूप में हुई है।

पूर्वी जिले की एडिशनल डीसीपी सृष्टि पांडेय ने जानकारी दी कि 3 मई को दल्लूपुरा इलाके में मोबाइल टावर से कीमती RRU चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई थी। एक यूनिट की कीमत 4 से 6 लाख रुपये होने के कारण मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी कल्याणपुरी पवन कुमार के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी रजनीकांत शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसआई विशांत भारद्वाज, हेड कांस्टेबल नितिन, अजीत और बॉबी को शामिल किया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन के नंबर की पहचान कर ली। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों की मदद से पुलिस ने पहले सुमित पांचाल (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया। सुमित से पूछताछ के बाद उसके साथी लोकेश (19 वर्ष) को भी दबोच लिया गया।

आरोपियों ने खुलासा किया कि वे इन कीमती उपकरणों को उत्तर प्रदेश के मेरठ में रहने वाले चांद (27 वर्ष) को बेचते थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेरठ के मदीना कॉलोनी में छापेमारी की और रिसीवर चांद को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी की गई 10 कीमती RRU यूनिट्स बरामद कर ली गईं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे केवल महंगे टेलीकॉम उपकरणों को ही निशाना बनाते थे ताकि उन्हें बेचकर जल्दी और अधिक पैसा कमाया जा सके।

इस कार्रवाई से न केवल टेलीकॉम कंपनियों को होने वाले भारी वित्तीय नुकसान को रोका गया है, बल्कि मोबाइल संचार सेवाओं में आने वाले व्यवधान को भी टाला गया है। पुलिस फिलहाल इस नेटवर्क के अन्य साथियों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने अब तक दिल्ली-एनसीआर में कितनी और ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

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