कीर्ति नगर में बेजुबान पर हमला करने वाले गार्ड और मारपीट करने वाली महिला दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

नई दिल्ली: दिल्ली के कीर्ति नगर इलाके में एक आवारा कुत्ते की हत्या और उसके बाद थाना परिसर के बाहर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कीर्ति नगर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों और प्राथमिक जांच के आधार पर दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। पहले मामले में पुलिस ने कुत्ते पर लोहे की रॉड से हमला करने के आरोपी गार्ड विनोद पासवान के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, दूसरे मामले में पुलिस ने गार्ड की शिकायत पर उसके साथ मारपीट करने वाली एनिमल एक्टिविस्ट जसमीत कौर और अन्य के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस अब इन दोनों मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

घटना का सिलसिला 7 मई की शाम को शुरू हुआ था, जब जे-ब्लॉक कीर्ति नगर में तैनात गार्ड विनोद पासवान ने कथित तौर पर एक बेजुबान कुत्ते पर लोहे की रॉड से हमला किया था। रमेश नगर निवासी तरुण घई की शिकायत के अनुसार, हमले में कुत्ता गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे इलाज के लिए पहले निजी चिकित्सक और फिर नजफगढ़ ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में गहन छानबीन के बाद आरोपी गार्ड के विरुद्ध प्राथमिकी संख्या 104/26 दर्ज की है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

इसी मामले में एक नया मोड़ तब आया जब एनिमल एक्टिविस्ट जसमीत कौर द्वारा पुलिस स्टेशन के बाहर ही गार्ड की पिटाई का मामला सामने आया। हालांकि शुरुआत में गार्ड ने कोई शिकायत नहीं दी थी, लेकिन सोमवार को जेजे कॉलोनी, इंदरपुरी निवासी गार्ड विनोद पासवान ने इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। गार्ड का आचार्य भिक्षु अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई। इसके आधार पर पुलिस ने जसमीत कौर और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस एफआईआर में बीएनएस की धारा 115(1) और 126 के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने के आरोप शामिल हैं।

डीसीपी वेस्ट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दोनों ही मामलों की जांच अत्यंत गंभीरता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है। पुलिस टीम घटनास्थल और थाना परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण कर रही है ताकि घटनाक्रम की सटीक कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जहां एक ओर पशुओं के प्रति क्रूरता एक गंभीर अपराध है, वहीं दूसरी ओर किसी भी नागरिक द्वारा कानून को अपने हाथ में लेना और मारपीट करना भी अस्वीकार्य है। फिलहाल, दोनों ही मामलों में जांच अधिकारी साक्ष्य जुटा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

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