धार्मिक स्थलों को समाज सेवा का केंद्र बनाए सरकार, रिलीजियस कमेटी में मिले विहिप को प्रतिनिधित्व, विहिप की 8-सूत्रीय मांग

नई दिल्ली: विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की इन्द्रप्रस्थ इकाई ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु को पत्र लिखकर राजधानी के धार्मिक स्थलों को सशक्त और सुरक्षित बनाने की मांग की है। विहिप ने दिल्ली सरकार की ‘रिलीजियस कमेटी’ में अपना प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और मंदिरों को व्यावसायिक श्रेणी से हटाकर रियायती दरों पर बिजली-पानी उपलब्ध कराने सहित 8 प्रमुख सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे हैं। विहिप के ‘मंदिर अर्चक आयाम’ द्वारा चलाए गए संपर्क अभियान के बाद हजारों पुजारियों और संस्थाओं से मिले फीडबैक के आधार पर यह कदम उठाया गया है।

विहिप के प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने पत्र के माध्यम से कहा कि मंदिर, गुरुद्वारे और जैन स्थानक केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि समाज में संस्कार और सेवा के जीवंत केंद्र हैं। विहिप ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा धार्मिक स्थलों के संदर्भ में लिए जाने वाले निर्णयों में पूर्ण पारदर्शिता के लिए रिलीजियस कमेटी में उनके प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। साथ ही, स्थानीय स्तर पर समन्वय समितियों का गठन हो, जिसमें पुलिस, प्रशासन और धार्मिक संस्थाएं मिलकर सुरक्षा व व्यवस्था सुनिश्चित कर सकें।

संगठन ने धार्मिक स्थलों के आसपास की पवित्रता को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। विहिप का सुझाव है कि सभी धार्मिक स्थानों के 500 मीटर के दायरे में मांस, मदिरा, तंबाकू और किसी भी प्रकार के नशे की बिक्री व विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसके अलावा, छोटे मंदिरों में निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले पुजारियों और अर्चकों के लिए सरकार को एक सम्मानजनक मानदेय या आर्थिक सहायता योजना आरंभ करनी चाहिए, ताकि उनका जीवन सुगम हो सके।

पत्र में विशेष आयोजनों जैसे मंगलवार के हनुमान चालीसा पाठ, भंडारों और शोभायात्राओं के समय दिल्ली पुलिस द्वारा सुचारू यातायात प्रबंधन और विशेष सुरक्षा की भी अपील की गई है। विहिप ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों के बाहर होने वाली अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और रेहड़ी-पटरी वालों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए। अंत में, विहिप ने सरकार से आग्रह किया कि नशामुक्ति, स्वास्थ्य शिविर और कौशल विकास जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को इन केंद्रों से जोड़ा जाए ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। विहिप को पूर्ण विश्वास है कि सरकार इन रचनात्मक सुझावों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्रवाई करेगी।

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