एएटीएस की टीम ने शातिर वाहन चोर को दबोचा, तीन चोरी के वाहन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिला की ऑटो एंटी थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) की टीम ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर वाहन चोरी के तीन मामलों को सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें और स्कूटी बरामद की हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान चौहान बांगर, जाफराबाद निवासी मोहम्मद शमीम उर्फ समीर (28 वर्ष) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी चोरी के 12 मामलों में संलिप्त रहा है। एएटीएस के प्रभारी इंस्पेक्टर योगेश वशिष्ठ के नेतृत्व वाली टीम ने आरोपी को लोनी गोल चक्कर के पास से उस समय दबोचा, जब वह बिना नंबर प्लेट की स्कूटी पर सवार होकर किसी वारदात की फिराक में घूम रहा था। ज्योति नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

घटना शुक्रवार, 8 मई की है, जब एएटीएस को इलाके में एक सक्रिय वाहन चोर के आने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर योगेश वशिष्ठ की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने लोनी रोड स्थित एसबीआई एटीएम के पास जाल बिछाया और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की स्कूटी पर आता दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। जब उससे स्कूटी के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करने लगा।

सख्ती से की गई पूछताछ और विवरणों के सत्यापन के दौरान पता चला कि उक्त स्कूटी का वास्तविक पंजीकरण नंबर डीएल-5एसएआर-4341 है, जिसे जाफराबाद थाना क्षेत्र से चोरी किया गया था। इस संबंध में उसी दिन ई-प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शमीम को बीएनएसएस की धारा 35.1 के तहत हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और बताया कि वह लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं, जिन्हें भजनपुरा और कल्याणपुरी थाना क्षेत्रों से चुराया गया था। मोहम्मद शमीम उर्फ समीर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वह एक आदतन अपराधी है और दिल्ली के विभिन्न थानों में उसके विरुद्ध चोरी के एक दर्जन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी किए गए इन वाहनों को वह किसे बेचने की योजना बना रहा था और क्या इस गिरोह में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल, एएटीएस और स्थानीय पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।

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