APK फाइल के जरिए ₹2.48 लाख की ठगी करने वाला जालसाज गिरफ्तार; ठगी गई पूरी रकम पीड़ित को वापस मिली

नई दिल्ली: दिल्ली के नॉर्थ जिला साइबर थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत एपीके फाइल आधारित साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने न केवल आरोपी को पकड़ा, बल्कि पीड़ित की पूरी ठगी गई रकम ₹2,48,000/- भी आरोपी के खाते से पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करवा दी है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास कुमार गुप्ता (23 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिहार के छपरा जिले का रहने वाला है। यह कार्रवाई पीड़ित संजय राजपूत की शिकायत पर की गई, जो एक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करते हैं।

नॉर्थ जिले के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि पीड़ित के मोबाइल में एक अनजान ऐप अपने आप इंस्टॉल हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से ₹2,48,800/- धोखाधड़ी से निकाल लिए गए। इस संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर मामला दर्ज होने के बाद साइबर नॉर्थ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोहित गहलोत के पर्यवेक्षण और महिला सब-इंस्पेक्टर अंशुल गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें हेड कांस्टेबल सनी और कांस्टेबल शहजाद शामिल थे।

तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि ठगी गई रकम में से ₹2,00,000/- बिहार के छपरा स्थित ‘उत्कर्ष बैंक’ के एक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। यह खाता विकास कुमार गुप्ता के नाम पर था। आईपी लॉग्स की जांच से पुष्टि हुई कि आरोपी स्वयं इस खाते को संचालित कर रहा था और पैसे सेल्फ-चेक के माध्यम से निकाले गए थे। पुलिस टीम ने छपरा में छापेमारी की, लेकिन आरोपी फरार मिला। आखिरकार, कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी विकास को 5 मई को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि शुरुआत में उसने अपने दोस्त रूपम के कहने पर 10% कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे। बाद में इसे आसान पैसा कमाने का जरिया समझकर उसने खुद का गिरोह बना लिया। वह फेसबुक के माध्यम से बैंक खाते खरीदने वाले रजनीश जैसे लोगों और एपीके फाइल सप्लाई करने वाले जालसाजों के संपर्क में था। आरोपी ग्रेजुएट है और बेरोजगारी के कारण इस अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पुलिस के दबाव और कानूनी कार्रवाई के चलते आरोपी ने ठगी गई पूरी राशि पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर कर दी है। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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