दिल्ली में गनपॉइंट पर लूट और कारजैकिंग करने वाला गिरोह जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार, द्वारका एएटीएस ने कठुआ से तीन लुटेरों को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) ने एक बेहद साहसी और अंतरराज्यीय ऑपरेशन को अंजाम देते हुए तीन कुख्यात लुटेरों को जम्मू-कश्मीर के कठुआ से गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने दिल्ली में गनपॉइंट पर एक दुकानदार से नकदी लूटी थी और उसके तुरंत बाद एक दंपत्ति से कार छीनकर फरार हो गए थे। दिल्ली पुलिस की टीम ने लगभग 800 किलोमीटर तक पीछा करने और कश्मीर में 5 दिनों के निरंतर अभियान के बाद, 7 मई को 15 किलोमीटर लंबी हाई-स्पीड कार चेज के बाद इन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल (28 वर्ष), अंशुल उर्फ गोलू (30 वर्ष) और हिमांशु (24 वर्ष) के रूप में हुई है। इनमें से अंशुल कुख्यात नीतू दाबोदिया गैंग का सहयोगी बताया जा रहा है।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि 25 अप्रैल को इन हथियारबंद लुटेरों ने एक घंटे के भीतर दो वारदातों को अंजाम दिया था। सबसे पहले विकासपुरी में एक दुकानदार से बंदूक की नोक पर ₹15,000 लूटे गए। इसके कुछ ही समय बाद, द्वारका नॉर्थ थाना क्षेत्र में वेगास मॉल के पास एक दंपत्ति को डरा-धमकर उनकी फोर्ड इकोस्पोर्ट कार लूट ली गई। एक के बाद एक हुई इन वारदातों ने पुलिस के लिए बड़ी चुनौती पेश की थी, जिसके बाद एएटीएस द्वारका को मामले की गुत्थी सुलझाने का जिम्मा सौंपा गया।

एडिशनल डीसीपी-I निहारिका भट्ट और एसीपी ऑपरेशंस सुभाष मलिक के सुपरविजन तथा एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से आरोपियों का पीछा करना शुरू किया। यह पीछा कई राज्यों से होते हुए करीब 800 किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर तक जा पहुँचा। कश्मीर में स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर टीम ने 5 दिनों तक ऑपरेशन चलाया। 7 मई को कठुआ में जब आरोपियों ने पुलिस को देखा तो भागने का प्रयास किया, लेकिन 15 किलोमीटर तक फिल्मी स्टाइल में पीछा करने के बाद पुलिस ने उन्हें घेर लिया और सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फोर्ड इकोस्पोर्ट कार बरामद कर ली है। साथ ही, वारदात के बाद भागने में इस्तेमाल की गई महिंद्रा टीयूवी कार को भी जब्त किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में साहिल और अंशुल हरियाणा के चरखी दादरी के रहने वाले हैं, जबकि उनका तीसरा साथी हिमांशु रेवाड़ी का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अंशुल उर्फ गोलू नीतू दाबोदिया गैंग से जुड़े होने के कारण पहले भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है।

एएटीएस द्वारका की इस टीम में एसआई जितेंद्र, हेड कांस्टेबल मनीष, सोनू, राजबीर, हेमचंद, इंदर, प्रदीप, संदीप और महिला हेड कांस्टेबल ममता शामिल थीं। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से न केवल कारजैकिंग और लूट के दो प्रमुख मामले सुलझ गए हैं, बल्कि एक खतरनाक गिरोह के नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि लूटी गई नकदी और अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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