डाबरी थाने का घोषित अपराधी गिरफ्तार, 4 मोबाइल और चोरी की स्कूटी बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी बर्गलरी सेल ने राजधानी में चोरी और सेंधमारी की वारदातों को अंजाम देने वाले डाबरी थाने के एक सक्रिय और घोषित अपराधी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित गिरी उर्फ डाटा के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 38 वर्ष है और वह वैशाली, डाबरी गांव का निवासी है। पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से चोरी के 4 मोबाइल फोन और दिल्ली के जनकपुरी इलाके से चोरी की गई एक होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद की है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने डाबरी, बिंदापुर और जनकपुरी थानों में दर्ज चोरी और सेंधमारी के कुल 6 गंभीर मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि जिले में सक्रिय अपराधियों और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एंटी बर्गलरी सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर विवेक मैंदोला के नेतृत्व में एक अनुभवी टीम का गठन किया गया था। इस टीम में एसआई विनोद, हेड कांस्टेबल अनिल, प्रवीण, रितेश और कांस्टेबल आशीष शामिल थे। पूरी टीम को एसीपी ऑपरेशंस सुभाष मलिक की देखरेख में तैनात किया गया था ताकि तकनीकी और जमीनी स्तर पर सूचनाएं एकत्र कर अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।

मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि सुमित उर्फ डाटा को विजय एन्क्लेव इलाके में मोबाइल फोन बेचते हुए देखा गया है। पुलिस ने जब सुमित के रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि वह डाबरी थाने का एक सक्रिय बीसी है और उस पर सेंधमारी, घर में चोरी और वाहन चोरी के 25 से ज्यादा मामले पहले से दर्ज हैं। इसके बाद टीम ने आरोपी पर तकनीकी निगरानी शुरू की और वैशाली, डाबरी गांव, विजय एन्क्लेव व सागरपुर के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की।

पुलिस की लगातार कोशिशें तब रंग लाई जब एसआई विनोद के मुखबिर ने सूचना दी कि सुमित उर्फ डाटा चोरी की सफेद रंग की एक्टिवा स्कूटी पर सवार होकर रात के करीब साढ़े दस बजे सेक्टर-3, द्वारका के पास आएगा। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उक्त स्थान पर रणनीतिक घेराबंदी कर दी। रात करीब सवा दस बजे जैसे ही सफेद एक्टिवा स्कूटी वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया। आरोपी सुमित ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क टीम के सदस्यों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा।

आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी के 4 मोबाइल फोन बरामद हुए। गहन पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपराध की दुनिया में साल 2011 में कदम रखा था, जब उसे पहली बार सेंधमारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह लगातार वारदातों को अंजाम देता रहा और साल 2024 तक कई बार जेल गया। साल 2025 में उसे गैर-जमानती वारंट पर फिर गिरफ्तार किया गया था और वह अक्टूबर 2025 में ही जेल से बाहर आया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी सुमित नशे का बेहद आदी है और अपनी इसी लत को पूरा करने के लिए वह लगातार चोरी और सेंधमारी की घटनाओं को अंजाम देता था। वर्तमान में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बरामद किए गए मोबाइल फोन उसने किन जगहों से चोरी किए थे।

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