आईपीएल के बीच सट्टेबाजों पर पुलिस की स्ट्राइक,पश्चिम विहार से दो गिरफ्तार, 2.82 लाख नकद और 3 लैपटॉप बरामद

नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली जिले की पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम विहार इलाके में चल रहे एक संगठित क्रिकेट सट्टेबाजी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जिले की ‘एंटी स्नैचिंग एंड बर्गलरी सेल’ ने छापेमारी कर दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से सट्टेबाजी में दांव पर लगाए गए 2,82,000 रुपये नकद, 24 एटीएम कार्ड, 12 बैंक पासबुक, 4 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और 24 स्पाइरल नोटपैड बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित नागर (30), निवासी ग्रेटर नोएडा और विनय कुमार (22), निवासी देवरिया (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

बाहरी जिले के डीसीपी विक्रम सिंह ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 3 और 4 मई की दरमियानी रात को एंटी स्नैचिंग सेल को पश्चिम विहार इलाके में चल रहे अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी के संबंध में एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसीपी ऑपरेशंस वीरेंद्र दलाल के निकट पर्यवेक्षण और सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर रितेश राज के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई देवेंद्र, एसआई गगन, हेड कांस्टेबल अनुज, प्रवीण मलिक, रमेश, राजेश, रवि और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। वरिष्ठ अधिकारियों से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद, टीम ने पश्चिम विहार स्थित चिन्हित स्थान पर सुनियोजित तरीके से छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने रोहित नागर और विनय कुमार को सट्टेबाजी की गतिविधियों में लिप्त पाया और उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान वहां से भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण और वित्तीय दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस को मौके से 24 एटीएम कार्ड और 12 पासबुक मिली हैं, जो इस बात की ओर इशारा करती हैं कि सट्टेबाजी की रकम को घुमाने के लिए कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही, 24 स्पाइरल नोटपैड में सट्टेबाजी के लेनदेन का हिसाब-किताब दर्ज था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना पश्चिम विहार ईस्ट में ‘द दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट’ की धारा 3/4 के तहत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान पता चला कि ये आरोपी तकनीकी उपकरणों का सहारा लेकर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का सिंडिकेट चला रहे थे। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और किन-किन लोगों से जुड़े हैं और बरामद किए गए एटीएम कार्ड किन व्यक्तियों के नाम पर जारी किए गए थे। पुलिस अब इनके बैंक खातों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि सट्टेबाजी के इस काले कारोबार के पूरे वित्तीय तंत्र का पर्दाफाश किया जा सके।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More