बसों में मोबाइल चोरी करने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश: क्राइम ब्रांच ने 2 बदमाशों को दबोचा, 100 मोबाइल फोन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NDR) ने सार्वजनिक परिवहन और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मोबाइल चोरी करने वाले एक बड़े संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी के 100 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार (48), निवासी दक्षिणपुरी और पिंटू (24), निवासी बदरपुर के रूप में हुई है। इस संबंध में थाना क्राइम ब्रांच में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

डीसीपी क्राइम पंकज कुमार ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह दिल्ली की चलती बसों और बस स्टैंडों पर यात्रियों के मोबाइल चोरी करने में सक्रिय है। यह गिरोह भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता है और चोरी के फोन ‘कल्लू’ नामक रिसीवर व अन्य साथियों को कम दामों पर बेच देता है। सूचना के आधार पर एसीपी उमेश बर्थवाल के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने संगम विहार और बदरपुर इलाकों में सघन तलाशी ली। मुखबिर की सटीक जानकारी पर टीम आश्रम चौक पहुंची, जहां बैग लेकर जा रहे दो संदिग्धों को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान मुकेश कुमार के काले बैग से 60 मोबाइल और पिंटू के नीले बैग से 40 मोबाइल फोन बरामद हुए।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके सिंडिकेट में रमेश और राजेश नाम के दो अन्य मुख्य सदस्य भी शामिल हैं। वारदात के समय गिरोह का एक सदस्य यात्री का फोन चोरी करता था, जबकि बाकी सदस्य भीड़ का दबाव बनाकर यात्री का ध्यान भटकाते थे। फोन चोरी होते ही उसे तुरंत स्विच ऑफ कर दिया जाता था और पकड़े जाने के डर से साथी को पास कर दिया जाता था। आरोपियों ने कबूल किया कि वे अब तक इसी तरीके से लगभग 500 मोबाइल फोन ठिकाने लगा चुके हैं। बरामद किए गए 100 फोन में से एक मोबाइल थाना कालकाजी में दर्ज चोरी के मामले से जुड़ा पाया गया है, जबकि चार अन्य फोन गुमशुदगी की रिपोर्ट से संबंधित हैं। बाकी फोन के मालिकों का पता लगाने के लिए सत्यापन जारी है।

मुख्य आरोपी मुकेश कुमार मूल रूप से आगरा का रहने वाला है और 2007 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उस पर पहले से ही चोरी और आर्म्स एक्ट के 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरा आरोपी पिंटू मूल रूप से पलवल, हरियाणा का रहने वाला है और वह पहले भी आर्म्स एक्ट के एक मामले में शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस फरार साथियों और चोरी के फोन खरीदने वाले रिसीवर की तलाश में छापेमारी कर रही है। इस गिरोह के पकड़े जाने से बस यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More