मोती नगर पुलिस ने दबोचा भगोड़ा अपराधी: कई थानों में दर्ज हैं चोरी और लूट के दर्जनों मामले

नई दिल्ली: दिल्ली के पश्चिम जिले की मोती नगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी, स्नेचिंग और लूट की अनेक वारदातों में शामिल एक कुख्यात और शातिर अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रितेश उर्फ पीयूष उर्फ मनीष (24) के रूप में हुई है, जो पहाड़गंज के चिनोट बस्ती का निवासी है। रितेश पिछले 6-7 महीनों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। आरोपी दो अलग-अलग मामलों में अदालतों द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था और एक अन्य मामले में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट लंबित था।

पश्चिम जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि दिल्ली पुलिस मुख्यालय द्वारा भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोती नगर थाना पुलिस की एक टीम गठित की गई थी। एसीपी पंजाबी बाग और एसएचओ मोती नगर सुनील कुमार के नेतृत्व में गठित इस टीम में हेड कांस्टेबल दिनेश और हेड कांस्टेबल पुनीत शामिल थे। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं का बारीकी से अध्ययन किया।

जांच में सामने आया कि आरोपी रितेश पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा नारैना थाने के एक मामले और द्वारका कोर्ट द्वारा जनकपुरी थाने के एक मामले में भगोड़ा घोषित किया गया था। इसके अलावा, अशोक विहार थाने के एक मामले में भी वह वॉन्टेड था। पुलिस टीम ने अथक प्रयास करते हुए 28 अप्रैल को दिल्ली गेट, दरियागंज इलाके से आरोपी को धर दबोचा।

डीसीपी ने बताया कि रितेश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। वह दिल्ली के विभिन्न थानों जैसे विकासपुरी, राजौरी गार्डन, नारैना, आर.के. पुरम और वसंत कुंज सहित दर्जनों संगीन मामलों में संलिप्त रहा है। आरोपी के खिलाफ चोरी, स्नेचिंग और लूट के कुल 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क और अन्य लंबित अपराधों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

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