दिल्ली पुलिस का इंटर-स्टेट ऑपरेशन, बिहार में 10 लाख की लूट का आरोपी दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की नॉर्दर्न रेंज-2 टीम ने अंतर्राज्यीय पुलिस सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए बिहार के दो बड़े लूटकांडों में वांछित एक शातिर अपराधी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 23 वर्षीय रोशन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला है। वह दिल्ली के टिकरी बॉर्डर इलाके में छिपकर रह रहा था।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि बिहार पुलिस ने औरंगाबाद के रफीगंज और यूनिवर्सिटी थाने में दर्ज लूट के दो मामलों में आरोपी रोशन कुमार की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस से सहायता मांगी थी। ये मामले 2.8 लाख रुपये और 10 लाख रुपये की बड़ी लूट से संबंधित थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर संदीप स्वामी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें हेड कांस्टेबल सुमित और हेड कांस्टेबल नवल शामिल थे। यह पूरी कार्रवाई एसीपी गिरीश कौशिक की देखरेख में संपन्न हुई।

पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए आरोपी के दिल्ली में होने का सुराग लगाया। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने 25 अप्रैल 2026 को घेराबंदी कर रोशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने बताया कि 15 अक्टूबर 2025 को उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पिस्तौल की नोक पर एक व्यक्ति से 2.8 लाख रुपये लूटे थे। इसके अलावा, उसने 12 जनवरी 2026 को औरंगाबाद में ही 10 लाख रुपये की एक और बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

आरोपी रोशन कुमार का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। वह बिहार के विभिन्न थानों में डकैती, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे कई गंभीर मामलों में वांछित था। उसने पूछताछ में बताया कि वह एक गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखता है। 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद आसान पैसों के लालच में वह असामाजिक तत्वों के संपर्क में आया और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।

डीसीपी ने बताया कि आरोपी के साथियों को बिहार पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन रोशन कानून से बचने के लिए दिल्ली भाग आया था। फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि उसे बिहार पुलिस को सौंपा जा सके। इस गिरफ्तारी से अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय अपराधी गिरोहों पर लगाम लगाने में बड़ी सफलता मिली है।

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