क्राइम ब्रांच ने नाकाम की कपिल सांगवान गैंग की साजिश, फिरौती वसूलने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-गैंगस्टर स्क्वाड (एजीएस) ने संगठित अपराध में लिप्त कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान द्वारका निवासी आदित्य मिश्रा (24) के रूप में हुई है। आरोपी न केवल गैंग के लिए हथियार सप्लाई करता था, बल्कि फिरौती वसूलने और पीड़ितों को धमकाने का काम भी करता था। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और एक ब्लैंक गन बरामद की है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदोरा ने बताया कि हाल ही में राजधानी में हुई फिरौती और जबरन वसूली की घटनाओं को देखते हुए एजीएस की टीम को सक्रिय किया गया था। इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली थी कि नंदू गैंग का सदस्य आदित्य मिश्रा किसी बड़ी वारदात के इरादे से द्वारका के पोचनपुर गांव के पास आने वाला है। पुलिस ने जाल बिछाया और पीछा करने के बाद उसे स्कूटी समेत दबोच लिया।

तलाशी लेने पर उसके पास से एक पिस्टल और दो कारतूस मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने एक स्थान पर और हथियार छिपाने की बात स्वीकार की, जहां से पुलिस ने एक सिंगल-शॉट पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक ब्लैंक गन बरामद की। जांच में सामने आया कि आरोपी सीधे तौर पर विदेश से ऑपरेट कर रहे गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के संपर्क में था और सिग्नल ऐप के जरिए उससे निर्देश लेता था।

आदित्य मिश्रा के आपराधिक सफर की बात करें तो वह एक शिक्षित परिवार से आता है, उसके पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। बी.टेक की पढ़ाई के दौरान वह आपराधिक तत्वों के संपर्क में आया और 2021 में अशोक प्रधान गैंग से जुड़ गया। साल 2024 में वह नंदू गैंग के संपर्क में आया और तब से वह गिरोह के लिए काम कर रहा था। वह द्वारका इलाके के कारोबारियों से फिरौती वसूलने और हथियारों की आपूर्ति में सक्रिय था। उसने गिरोह के लिए लाखों रुपये की उगाही करने के अलावा कई हत्याओं में इस्तेमाल हुए हथियारों को ठिकाने लगाने में भी भूमिका निभाई थी।

डीसीपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कापसहेड़ा थाने में पहले से ही फिरौती का मामला दर्ज था, जिसमें वह पीड़ितों को गैंग के नाम पर धमका रहा था। इस गिरफ्तारी से दिल्ली और एनसीआर में नंदू गैंग के अवैध नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है। फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी के अन्य सहयोगियों की पहचान करने और उसके द्वारा किए गए वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है ताकि इस संगठित अपराध सिंडिकेट को पूरी तरह से जड़ से खत्म किया जा सके।

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