मानव एकता दिवस: निरंकारी मिशन की अनूठी पहल, देशभर में 40,000 यूनिट रक्त संकलित

नई दिल्ली: करुणा, प्रेम और सह-अस्तित्व के संदेश को जीवंत करते हुए संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘मानव एकता दिवस’ का आयोजन श्रद्धा और सेवा के साथ संपन्न हुआ। दिल्ली के ग्राउंड नंबर 8 में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और निरंकारी राजपिता के सान्निध्य में हुए इस आयोजन ने मानवता की सेवा का नया उदाहरण पेश किया। युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की स्मृति में मनाए गए इस दिवस का मूल मंत्र ‘मानव को मानव हो प्यारा’ रहा, जिसने हजारों श्रद्धालुओं के हृदयों में एकता की दिव्य चेतना को जागृत किया।

संत निरंकारी मण्डल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने जानकारी दी कि दिल्ली में आयोजित रक्तदान शिविर में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक 850 यूनिट रक्त दान किया। यह सेवा भाव केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर के 212 स्थानों पर आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 40,000 यूनिट रक्त संकलित करने का पुनीत कार्य किया गया। मानवता की इस सेवा को प्रेरित करने के लिए स्वयं निरंकारी राजपिता ने रक्तदान कर युवाओं के समक्ष एक मिसाल कायम की। मिशन की यह रक्तदान परंपरा पिछले चार दशकों से जारी है, जिसके तहत अब तक 9,174 शिविरों में 15 लाख से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है।

मानवता को संबोधित करते हुए सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य निस्वार्थ सेवा करना है। उन्होंने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने बाबा गुरबचन सिंह जी के जीवन को अपनी प्रेरणा का आधार बनाया और हमें सिखाया कि जब प्रत्येक व्यक्ति मानवता को सर्वोपरि स्थान देता है, तो समाज में वास्तविक परिवर्तन आता है। माता ने कहा कि सेवा केवल आंकड़ों या शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि यह दिल से दिल को जोड़ने वाला समर्पण है। उन्होंने जोर दिया कि प्रेम, करुणा और सेवा का भाव ही मानव को सीमित स्वार्थों से ऊपर उठाकर संपूर्ण सृष्टि के कल्याण का माध्यम बनाता है।

इस विशाल रक्तदान अभियान में राजधानी के प्रमुख अस्पतालों—जैसे एम्स, राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग, लोक नायक जयप्रकाश और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज आदि—के अनुभवी चिकित्सकों और उनकी टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संत निरंकारी मिशन को मानवता की निस्वार्थ सेवा और समर्पण के लिए विशेष सम्मान व पुरस्कार से भी नवाजा गया। इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि बाबा गुरबचन सिंह की स्मृति में वर्षभर सेवा-सरिता का आयोजन होगा, जिसके अंतर्गत देश के 705 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर एकता और करुणा के संदेश को निरंतर सुदृढ़ किया जाएगा।

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