‘डिलीवर्ड’ दिखा कर हड़प लिए 35 लाख के फोन, पुलिस ने अमेज़न के दो डिलीवरी एजेंट को किया गिरफ्तार, 10 लाख का माल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की भारत नगर थाना टीम ने अमेज़न पोर्टल के साथ की गई एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर डिलीवरी एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डिलीवर्ड दिखाए गए 50 आईफोन-16 के कंसाइनमेंट को हड़प लिया था, जिनकी कुल कीमत करीब 35 लाख रुपये है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 लाख रुपये मूल्य के 14 सीलबंद आईफोन बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह (21) और हिमांशु (30) के रूप में हुई है, जो दोनों स्वामी दयानंद कॉलोनी, किशनगंज के निवासी हैं।

डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि शास्त्री नगर निवासी सुमित अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने 12 अप्रैल से 16 अप्रैल के बीच अमेज़न से आईफोन-16 के 50 मोबाइल फोन ऑर्डर किए थे। अमेज़न की ओर से सभी ऑर्डर्स को डिलीवर्ड मार्क कर दिया गया था, जबकि शिकायतकर्ता को एक भी फोन प्राप्त नहीं हुआ। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि डिलीवरी एजेंटों ने आपसी मिलीभगत से इन कीमती फोन को ग्राहकों तक पहुँचाने के बजाय खुद ही गबन कर लिया और सिस्टम में फर्जी प्रविष्टि कर दी।

इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी अशोक विहार आकाश रावत और भारत नगर के एसएचओ इंस्पेक्टर राम किशोर के निकट पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम का नेतृत्व संगम पार्क पुलिस पोस्ट के प्रभारी एसआई राजेश पिलानिया ने किया, जिसमें एसआई नवीन, हेड कांस्टेबल राकेश और कांस्टेबल हरकेश शामिल थे। पुलिस टीम ने सबसे पहले जीटी करनाल रोड स्थित अमेज़न के इंडस्ट्रियल एरिया ऑफिस का दौरा किया और वहां के मैनेजर संदीप से डिलीवरी से संबंधित विस्तृत डेटा प्राप्त किया।

जांच में पता चला कि संदिग्ध अवधि के दौरान आवंटित 32 ट्रैकिंग आईडी में से 26 कंसाइनमेंट सीधे जसप्रीत सिंह को सौंपे गए थे। तकनीकी साक्ष्यों और रिकॉर्ड के मिलान के बाद पुलिस ने जसप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया। जसप्रीत ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी हिमांशु के साथ मिलकर आसान पैसा कमाने की नीयत से यह साजिश रची थी। जसप्रीत की निशानदेही पर पुलिस ने हिमांशु को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पहली बार अपराध में शामिल हुए हैं।

फिलहाल पुलिस ने थाना भारत नगर में धारा 316(2), 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की टीम अब शेष मोबाइल फोन की बरामदगी और इस नेटवर्क में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की तलाश में जुटी है। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने एक संगठित धोखाधड़ी के नेटवर्क को समय रहते तोड़ दिया है।

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