दिल्ली का नाम ‘इन्द्रप्रस्थ’ करने की मांग, विश्व हिंदू परिषद ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान

नई दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर पुनः ‘इन्द्रप्रस्थ’ करने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप), इन्द्रप्रस्थ प्रांत ने एक राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान के माध्यम से विहिप ने अपनी ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है। इस मांग को लेकर परिषद जल्द ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन सौंपेगी।

अभियान के शुभारंभ पर विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि ‘इन्द्रप्रस्थ’ नाम महाभारत काल से जुड़ा है, जो पांडवों की गौरवशाली राजधानी रही है। यह नाम केवल एक पहचान नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता और आत्मसम्मान का प्रतीक है। संगठन का मानना है कि वर्तमान में ‘दिल्ली’ नाम उस ऐतिहासिक और पौराणिक विरासत को पूर्णतः प्रतिबिंबित नहीं करता है, जिसे पुनर्स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।

विहिप, इन्द्रप्रस्थ प्रांत की प्रांत टोली ने इस अभियान के लिए देश के समस्त राष्ट्रभक्त नागरिकों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों, मठ-मंदिरों, गुरुद्वारों, आरडब्ल्यूए और व्यापारी संगठनों से सक्रिय समर्थन का आह्वान किया है। संगठन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अभियान में बढ़-चढ़कर हस्ताक्षर करें, अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं और सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस विषय को जन-जन तक पहुंचाएं।

विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह नाम परिवर्तन का मात्र एक प्रयास नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा को पुनः प्रतिष्ठित करने का एक राष्ट्रीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया का दिन मर्यादा और धर्म की रक्षा की याद दिलाता है, उसी प्रेरणा से प्रेरित होकर हम अपनी पहचान के पुनर्जागरण के लिए आगे बढ़े हैं।

संगठन ने देशवासियों से आह्वान किया है कि अब समय आ गया है कि हम अपने गौरवशाली इतिहास और पहचान के प्रति जागरूक हों। विहिप ने विश्वास जताया है कि इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से जनता की आवाज सरकार तक पहुंचेगी और भारत की राजधानी को उसका प्राचीन नाम ‘इन्द्रप्रस्थ’ प्राप्त होगा।

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