एस्कॉर्ट सर्विस की आड़ में चल रहे ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़, 1 करोड़ की ड्रग्स के साथ दो नाइजीरियाई सहित चार गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक साहसी ऑपरेशन को अंजाम देते हुए दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय MDMA तस्करी के एक संगठित सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाइजीरियाई नागरिक शामिल हैं। इस गिरोह के कब्जे से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य की 90 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली MDM जब्त की गई है। इसके साथ ही, पुलिस ने मौके से 37,500 रुपये की संदिग्ध नकदी, तीन वजन करने वाली मशीनें, पैकिंग सामग्री और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले दो वाहन बरामद किए हैं।

इस गिरोह का खुलासा सटीक तकनीकी इनपुट और मानवीय निगरानी के आधार पर हुआ, जिसे इंस्पेक्टर शिव कुमार के नेतृत्व में और एसीपी कुलदीप सिंह यादव की देखरेख में अंजाम दिया गया। जांच में यह बात सामने आई कि मुख्य आरोपी गुरमीत सिंह और उसका सहयोगी मुकेश कुमार उर्फ विक्की तिलक नगर के गणेश नगर स्थित एक किराए के घर में पिछले दो वर्षों से ‘एस्कॉर्ट सर्विस’ चलाने का ढोंग कर रहे थे, जिसका उपयोग वे असल में ड्रग्स तस्करी के लिए कर रहे थे। पुलिस ने NDPS एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए छापेमारी की, जिसमें गुरमीत सिंह के पास से 69 ग्राम और मुकेश कुमार के पास से 4 ग्राम MDMA बरामद हुई।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली में रहने वाले नाइजीरियाई सप्लायरों—पीटर और दो अन्य—से 1,200 से 1,600 रुपये प्रति ग्राम की दर से MDMA खरीदते थे और उसे ग्राहकों को 2,500 रुपये प्रति ग्राम की दर से बेचकर अवैध मुनाफा कमाते थे। आगे की कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 9 अप्रैल 2026 को नाइजीरियाई नागरिक मानकाबो डेविड को 10.12 ग्राम MDMA के साथ और एमेका इमैनुएल उर्फ पीटर को 7.12 ग्राम MDMA के साथ गिरफ्तार किया। इनमें से एमेका इमैनुएल पूर्व में भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत जेल जा चुका है और एक आदतन अपराधी है।

पुलिस की यह बड़ी सफलता न केवल नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप को बाजार में आने से रोकने में कामयाब रही, बल्कि इसने संगठित ड्रग्स सप्लाई चेन की जड़ों को भी कमजोर किया है। वर्तमान में, दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की टीम इस सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय संबंधों की गहन जांच कर रही है ताकि इसके पीछे के मास्टरमाइंड्स और अन्य आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंचा जा सके। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली पुलिस नशाखोरी के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर अडिग है और अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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