आस्था और संस्कृति पर प्रहार बर्दाश्त नहीं: विहिप ने दी आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप), इंद्रप्रस्थ प्रांत ने देश में बढ़ती सामाजिक असुरक्षा और हिंदू आस्थाओं पर हो रहे प्रहारों के विरुद्ध शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत सभा को संबोधित करते हुए विहिप के प्रांत मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान घटनाएं अब केवल चेतावनी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर संकट का संकेत हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विघटनकारी तत्वों के विरुद्ध समय रहते कठोर और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके परिणाम देश और समाज दोनों के लिए अत्यंत घातक होंगे। विहिप ने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज अब अपनी आस्था और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

प्रांत मंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते सामाजिक असंतुलन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर धार्मिक आयोजनों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर समाज विरोधी तत्वों के प्रति नरमी बरती जा रही है। उन्होंने इसे प्रशासन का दोहरा मापदंड करार देते हुए कहा कि यह न्याय नहीं, बल्कि अन्याय है। उनके अनुसार, जिस समाज में उसकी मूल पहचान और सुरक्षा की अनदेखी की जाए, वहां विकास केवल एक दिखावा मात्र रह जाता है। “यदि समाज सुरक्षित नहीं, तो विकास का कोई अर्थ नहीं है,” उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा।

संगठन ने कॉरपोरेट और अन्य संस्थागत क्षेत्रों को भी सख्त लहजे में आगाह किया। प्रांत मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर समाज की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ किया गया, तो हिंदू समाज अपनी प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। उन्होंने साफ कहा कि “सम्मान मिलेगा तो समर्थन मिलेगा, अन्यथा बहिष्कार भी एक सशक्त विकल्प है।” उन्होंने समाज से आह्वान किया कि अब उदासीनता का समय समाप्त हो चुका है और चुप्पी तोड़कर सक्रिय होने का समय आ गया है।

अंत में उन्होंने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि हिंदू समाज अब संगठित हो रहा है और किसी भी प्रकार का तुष्टिकरण या अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। विहिप के इस कड़े रुख और विरोध प्रदर्शन से राजधानी के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। संगठन ने साफ कर दिया है कि यह समय निर्णायक है और अन्याय के विरुद्ध समाज अब डटकर खड़ा होगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने समाज की सुरक्षा और सम्मान के लिए संकल्प लिया।

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