मानव एकता दिवस: बुराड़ी में सजेगा आध्यात्मिक समागम, संत निरंकारी मिशन देशभर में आयोजित करेगा आध्यात्मिक और सेवा कार्य

नई दिल्ली: संत निरंकारी मिशन की ओर से आगामी 24 अप्रैल को ‘मानव एकता दिवस’ श्रद्धा और सेवा-भाव के साथ मनाया जाएगा। यह विशेष दिवस मिशन के पूर्व प्रधान बाबा गुरबचन सिंह जी और चाचा प्रताप सिंह जी की पावन स्मृति को समर्पित है। इस अवसर पर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता के सान्निध्य में दिल्ली के बुराड़ी स्थित सरोवर के सम्मुख एक भव्य आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन होगा। इस समागम के माध्यम से संपूर्ण विश्व को प्रेम, शांति और वैश्विक भाईचारे का संदेश दिया जाएगा। आध्यात्मिक जागृति के इस उत्सव में दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश-विदेश की विभिन्न शाखाओं से श्रद्धालु अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

मानव एकता दिवस के अवसर पर सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए विशाल रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। दिल्ली के मुख्य आयोजन स्थल पर प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाले इस ‘सेवा यज्ञ’ में हजारों श्रद्धालु निःस्वार्थ भाव से रक्तदान करेंगे। संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के मार्गदर्शन में आयोजित इन शिविरों में इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी और विभिन्न अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। मिशन का मानना है कि मानव का रक्त नाड़ियों में बहना चाहिए, नालियों में नहीं—इसी उद्देश्य के साथ पिछले चार दशकों से मिशन रक्तदान के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

बाबा गुरबचन सिंह का जीवन त्याग और परोपकार की एक अद्वितीय मिसाल रहा है। उन्होंने समाज को प्रेम और विनम्रता का मार्ग दिखाया, जिसे आज सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज आगे बढ़ा रही हैं। मिशन के अनुसार, यह आयोजन केवल एक समागम नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति का माध्यम है जो जाति, धर्म और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर प्रत्येक हृदय को ईश्वरीय एकत्व से जोड़ता है। इस पावन अवसर पर होने वाले सत्संग और सेवा कार्यों की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मिशन का स्वयं का ब्लड बैंक मुंबई में निरंतर सेवारत है और विगत वर्षों में आयोजित हजारों शिविरों के माध्यम से लाखों लोगों को जीवनदान मिला है। इस पुण्य प्रयास से समाज में सह-अस्तित्व और सेवा की ज्योति प्रज्वलित होगी।

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