प्रॉपर्टी फ्रॉड का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: एक ही मकान को कई लोगों को लीज पर देकर करोड़ों ऐंठने वाला आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के सेंट्रल जिला की डीबीजी रोड थाना पुलिस ने प्रॉपर्टी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने न केवल एक दृष्टिबाधित व्यक्ति से ₹14.5 लाख की ठगी की, बल्कि जांच में सामने आया है कि वह अब तक कई लोगों से लगभग दो करोड़ का फ्रॉड कर चुका है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रवींद्र गर्ग (51 वर्ष) निवासी हापुड़, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। आरोपी को तीस हजारी कोर्ट द्वारा एक अन्य मामले में पहले ही घोषित अपराधी करार दिया जा चुका था।

सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि दिसंबर 2025 में भारतीय रेलवे के एक दृष्टिबाधित कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि करोल बाग के जोशी रोड स्थित एक प्रॉपर्टी को लीज पर लेने के नाम पर उससे ₹14,50,000 की ठगी की गई है। आरोपी रवींद्र गर्ग ने मकान का मालिकाना हक दिखाकर लीज डीड भी साइन कर ली, लेकिन जब पीड़ित कब्जा लेने पहुँचा, तो पता चला कि उस प्रॉपर्टी पर एक फाइनेंस कंपनी ने कब्जा कर रखा है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने उसी मकान पर 2017 में ₹98 लाख का होम लोन लिया था और किस्तें न भरने के कारण बैंक ने मकान को अपने कब्जे में ले लिया था।

एसीपी पहाड़गंज के मार्गदर्शन और एसएचओ डीबीजी रोड के नेतृत्व में एसआई हरविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल सुनीत और महिला कांस्टेबल तनीषा की एक विशेष टीम गठित की गई। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए हर छह महीने में अपना मोबाइल नंबर और रहने की जगह बदल देता था। पुलिस टीम ने उसके पुराने मोबाइल नंबरों के सीडीआर का गहन विश्लेषण किया और तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसके नए नंबर को ट्रैक किया। सटीक जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दिल्ली के नागल देवांत गांव में छापेमारी की, जहाँ आरोपी पहचान छिपाकर टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था।

पूछताछ के दौरान आरोपी रवींद्र गर्ग ने खुलासा किया कि वह इसी ‘मोडस ऑपरेंडी’ के तहत एक ही प्रॉपर्टी को कई लोगों को लीज या सेल के बहाने दिखाकर भारी रकम ऐंठ लेता था। उसने ठगी के पैसों को टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट बिजनेस में लगाया था, लेकिन वहां उसे घाटा हो गया। आरोपी ने बताया कि वह अपने परिवार से भी अलग रह रहा था ताकि पुलिस उस तक न पहुँच सके। पुलिस अब उसकी चल-अचल संपत्तियों का पता लगा रही है ताकि उन्हें कुर्क कर पीड़ितों की रकम वापस दिलाई जा सके। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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