रिवॉर्ड पॉइंट्स के नाम पर लगाते थे चूना, दिल्ली पुलिस ने रोहिणी से दबोचे तीन साइबर ठग

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा जिला की साइबर थाना पुलिस ने क्रेडिट कार्ड बोनस पॉइंट्स भुनाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक व्यक्ति से 2.45 लाख रुपये की ठगी की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश (28 वर्ष), कृष्णा (20 वर्ष) और रेखा (46 वर्ष) के रूप में हुई है, जो रोहिणी सेक्टर-35 के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने धोखाधड़ी के लिए फर्जी दस्तावेजों पर लगभग 28 सिम कार्ड जारी करवा रखे थे।

शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि मोहम्मद गाजी नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे एक्सिस बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर एक फोन आया था। कॉलर ने उसे क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स भुनाने का लालच दिया और एक फर्जी लिंक पर क्लिक करवाकर उसके कार्ड की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उसके खाते से 2,45,702 रुपये के अनधिकृत लेनदेन किए गए। इस शिकायत पर साइबर थाना शाहदरा में एफआईआर संख्या 53/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसीपी मोहिंदर सिंह और एसएचओ विजय कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पाया कि ठगी गई राशि का उपयोग अमेजन से चार मोबाइल फोन खरीदने के लिए किया गया था।

जांच के दौरान टीम ने उन आठ मोबाइल नंबरों की पहचान की जिनका उपयोग ठगी में किया गया था। ये सिम कार्ड अविनाश, कृष्णा और रेखा के नाम पर जारी पाए गए थे। गहन पूछताछ में आरोपी कृष्णा ने खुलासा किया कि उसने अपने स्थानीय साथियों के लिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड का इंतजाम किया था, जिनका इस्तेमाल मासूम लोगों को ठगने के लिए किया जाता था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रोहिणी में छापेमारी कर आरोपियों को दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपियों के काम करने के तरीके का पता चला। ये लोग बैंक अधिकारी बनकर पीड़ितों को फर्जी वेबसाइट पर ले जाते थे, जो असली बैंकिंग पोर्टल जैसी दिखती थी। वहां कार्ड की जानकारी मिलते ही ये लोग पीड़ितों के कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग कर लेते थे ताकि पैसा सीधे बैंक खाते में जाने के बजाय सामान के रूप में उन तक पहुंचे। आरोपी अविनाश केवल सातवीं कक्षा पास है, जबकि कृष्णा 11वीं तक पढ़ा है। पुलिस अब इस रैकेट के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगा रही है कि इन फर्जी सिम कार्डों का उपयोग और किन-किन वारदातों में किया गया है।

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