दिल्ली-एनसीआर से यूपी-हरियाणा तक चला लुका-छिपी का खेल; 50 हजार की इनामी महिला तस्कर आखिरकार सलाखों के पीछे

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने संगठित नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात ड्रग माफिया कुसुम (54 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी कुसुम पर मकोका अधिनियम के तहत मामला दर्ज था और वह लंबे समय से फरार चल रही थी, जिसके चलते उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वह एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट की मुख्य सरगना है जो दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के राज्यों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति का बड़ा नेटवर्क चला रही थी।

शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि कुसुम की गिरफ्तारी के लिए एसीपी ऑपरेशंस मोहिंदर सिंह की देखरेख और स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर महेश कसाना के नेतृत्व में एसआई इस्माइल, एएसआई सुल्तान और महिला हेड कांस्टेबल मिथिलेश सहित एक विशेष टीम गठित की गई थी। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब दो महीने तक दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगातार छापेमारी की।

ऑपरेशन के विवरण देते हुए डीसीपी ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपा रही थी। वह स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल नहीं करती थी और बार-बार अपने मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदल रही थी। पुलिस टीम ने उसकी लोकेशन ट्रैक करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया और 100 से ज्यादा फोन कॉल रिकॉर्ड खंगाले। अंततः 9 अप्रैल को पुख्ता सूचना के आधार पर जाल बिछाया गया और कुसुम को दबोच लिया गया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुसुम का पूरा परिवार इस अवैध धंधे में शामिल है। उसकी दो बेटियां दीपा और चीकू पहले ही मकोका के तहत गिरफ्तार की जा चुकी हैं। सिंडिकेट में उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। कुसुम को अगस्त 2025 में रोहिणी कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था।

पकड़ी गई आरोपी कुसुम का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ साल 2003 से लेकर अब तक नारकोटिक्स, क्राइम ब्रांच, बवाना और सुल्तानपुरी जैसे अलग-अलग थानों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 11 गंभीर मामले दर्ज हैं। डीसीपी ने बताया कि कुसुम की गिरफ्तारी से इस संगठित ड्रग सिंडिकेट की कमर टूट गई है। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश कर रही है। फिलहाल आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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