ऑपरेशन ‘साई-हॉक 4.0’: दिल्ली पुलिस ने तोड़ी साइबर ठगों की कमर, 127 दबोचे, 42 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा

नई दिल्ली: साइबर अपराधियों और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ पश्चिमी जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन साई-हॉक 4.0’ के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 6 से 8 अप्रैल तक चले इस 48 घंटे के सघन अभियान में पुलिस ने कुल 127 लोगों पर कानूनी शिकंजा कसा है, जिनमें 24 शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी और 103 लोगों को पाबंद करना शामिल है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने करीब 42 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पदार्फाश किया है। शुरुआती जांच में 252 एनसीआरपी शिकायतों के तार इन आरोपियों से सीधे जुड़े पाए गए हैं, जो पुलिस के लिए एक बड़ी तकनीकी सफलता है।

म्यूल अकाउंट्स और एटीएम विड्रॉल नेटवर्क पर प्रहार

ऑपरेशन के दौरान पुलिस का मुख्य फोकस उन ‘म्यूल अकाउंट्स’ पर रहा, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-बधर करने के लिए किया जाता था। जांच टीमों ने जिले भर में छापेमारी कर 150 ऐसे संदिग्ध खातों की पहचान की है। इसके अलावा, एटीएम और चेक के जरिए धोखाधड़ी से पैसे निकालने वाले 174 मामलों (96 एटीएम और 78 चेक विड्रॉल) में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इस दौरान 376 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और 179 लोगों को जांच में शामिल होने के लिए कानूनी नोटिस जारी किए हैं।

तकनीकी सर्विलांस और खुफिया रणनीति का समन्वय

डीसीपी (पश्चिम) दराडे शरद भास्कर के कुशल नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में तकनीकी सर्विलांस और जमीनी खुफिया जानकारी का प्रभावी समन्वय देखा गया। जिले के सभी थानों के एसएचओ और एसीपी की देखरेख में गठित विशेष टीमों ने बैंकों और तकनीकी इकाइयों के साथ मिलकर ठगी के वित्तीय रास्तों को ट्रेस किया। पुलिस ने पीओएस मशीन और फर्जी सिम कार्ड से जुड़े 18 मामलों को भी सुलझाया है, जो अक्सर डिजिटल पेमेंट फ्रॉड की नींव होते हैं।

पुलिस का यह अभियान केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। अब पुलिस इन अपराधियों के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ की तलाश कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है। संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करने और ठगी गई राशि की रिकवरी के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा अब अंतरराज्यीय सिंडिकेट तक बढ़ाया जा रहा है, ताकि साइबर अपराध के पूरे ढांचे को समूल नष्ट किया जा सके। इस कार्रवाई से राजधानी में सक्रिय संगठित साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप का माहौल है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More