करोल बाग में ‘कबाड़’ से बनाए जा रहे थे ‘ब्रांडेड’ मोबाइल, 1600 से ज्यादा हैंडसेट बरामद, दो गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने करोल बाग और आनंद पर्वत इलाकों में चल रहे एक बहुत बड़े फर्जी मोबाइल रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह विभिन्न राज्यों से मोबाइल का कबाड़ और खराब पुर्जे इकट्ठा कर उन्हें नई पैकिंग में ब्रांडेड फोन बताकर बेचता था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 1,658 तैयार मोबाइल फोन, 1,663 आईएमईआई चिप्स और भारी मात्रा में मोबाइल एक्सेसरीज बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य संचालकों रूप किशोर खंडेलवाल (45 वर्ष) और पप्पू गुप्ता (34 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि हेड कांस्टेबल विनोद को इस अवैध धंधे के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद एसीपी सत्येंद्र मोहन की देखरेख और इंस्पेक्टर महिपाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने करोल बाग के देव नगर और आनंद पर्वत स्थित दो अलग-अलग ठिकानों पर सैमसंग कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर छापेमारी की। वहां अवैध रूप से मोबाइल असेंबल करने की यूनिट्स चल रही थीं।

गिरोह की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए डीसीपी ने बताया कि आरोपी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के कबाड़ डीलरों से खराब मोबाइल फोन और मदरबोर्ड सस्ते दामों में खरीदते थे। इसके बाद एसएमडी मशीन, हॉट गन और अन्य उपकरणों की मदद से इन खराब फोन के पुर्जों को बदला जाता था। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से इन पर नए और फर्जी आईएमईआई नंबर लगा दिए थे। मायापुरी से मंगाए गए जाली पैकिंग मटेरियल का इस्तेमाल कर ये फोन ऐसे तैयार किए जाते थे कि देखने में बिल्कुल नए लगें।

जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी पिछले डेढ़ से दो साल से यह अवैध कारोबार कर रहे थे। ये नकली फोन न केवल दिल्ली के स्थानीय बाजारों जैसे गफ्फार मार्केट में बेचे जा रहे थे, बल्कि मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी थोक में सप्लाई किए जाते थे। हालांकि प्रति यूनिट मुनाफा कम था, लेकिन भारी मात्रा में बिक्री होने के कारण यह एक करोड़ों का अवैध कारोबार बन चुका था। यह गिरोह न केवल ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर रहा था, बल्कि बिना मानक के पुराने पुर्जों और बैटरी का इस्तेमाल सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा था।

पुलिस ने इस संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी रूप किशोर राजस्थान का रहने वाला है और केवल पांचवीं पास है, जबकि दूसरा आरोपी पप्पू गुप्ता बिहार का रहने वाला है और वह स्नातक पास है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के पीछे के पूरे नेटवर्क और कबाड़ सप्लाई करने वाले डीलरों की तलाश में जुटी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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