द्वारका पुलिस का भगोड़ों पर डिजिटल प्रहार: ‘एंटी-पीओ सेल’ ने 12 घोषित अपराधियों को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिला पुलिस की ‘एंटी-पीओ/जेल बेल सेल’ ने घोषित अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए महज दो सप्ताह के भीतर 12 भगोड़ों को ट्रेस करने में शानदार सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान 12 घोषित अपराधियों को दस्तयाब किया है, जिनमें से सात को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच अन्य अपराधियों को डिजिटल पोर्टल्स की मदद से अलग-अलग जेलों में बंद पाया गया। ये अपराधी लूट, झपटमारी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे थे।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि भगोड़े अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का प्रभावी तालमेल बिठाया गया है। डीसीपी ने बताया कि एसीपी ऑपरेशंस सुभाष मलिक की देखरेख और एंटी-पीओ सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर हरीश कुमार के नेतृत्व में एएसआई ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल कुलवंत, अजीत और महिला हेड कांस्टेबल रोशनी सहित एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने e-PRISON, ICJS और POMS जैसे सरकारी पोर्टल्स का गहन विश्लेषण किया।

ऑपरेशन के विवरण देते हुए डीसीपी ने बताया कि डिजिटल जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 05 घोषित अपराधी पहले से ही अन्य मामलों में न्यायिक हिरासत में जेलों में बंद थे, लेकिन उनके पुराने मामलों में स्टेटस अपडेट नहीं था। इन पोर्टल्स की मदद से पुलिस ने बिना समय और संसाधन गवाएं उनकी लोकेशन जेलों में वेरिफाई कर ली। वहीं दूसरी ओर, टीम ने जमीनी स्तर पर सूचनाएं जुटाकर और तकनीकी सर्विलांस की मदद से सात अन्य भगोड़ों को उनके छिपने के ठिकानों से धर दबोचा।

डीसीपी ने बताया कि यह ऑपरेशन ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में स्मार्ट पुलिसिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है। इन पोर्टल्स के माध्यम से पुलिस थानों, जेलों और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे डेटा-आधारित पुलिसिंग को मजबूती मिली है। पकड़े गए सभी अपराधियों के खिलाफ संबंधित अदालतों में रिपोर्ट पेश कर दी गई है। द्वारका पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जिले में अपराध मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके और कोई भी अपराधी कानून की नजरों से बच न पाए।

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