आईपी एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन के पास दबोचा गया शातिर अपराधी; बटनदार चाकू, चोरी की एक्टिवा और मोबाइल फोन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी जिला अंतर्गत मधु विहार थाना पुलिस ने स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक कुख्यात ऑटो-लिफ्टर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी अजय उर्फ झगड़ू (24 वर्ष) को दबोचा है, जिसके कब्जे से एक अवैध बटनदार चाकू, चोरी की होंडा एक्टिवा स्कूटी और एक चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पकड़ा गया आरोपी एक आदतन अपराधी है, जिस पर पहले से चोरी और आर्म्स एक्ट के आठ आपराधिक मामल दर्ज हैं। पुलिस की इस मुस्तैदी ने न केवल चोरी की वारदातों को सुलझाया, बल्कि इलाके में होने वाली किसी बड़ी अनहोनी को भी टाल दिया।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि अपराध प्रभावित क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाने के निर्देशों के तहत एसीपी मधु विहार तिलक चंद्र बिष्ट की देखरेख और एसएचओ अरुण कुमार के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल सचिन त्यागी और अरुण की एक टीम तैनात की गई थी। डीसीपी ने बताया कि 6 अप्रैल को आईपी एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन के पास गश्त के दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि उत्सव ग्राउंड इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध चाकू के साथ चोरी की स्कूटी पर घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रणनीतिक घेराबंदी कर संदिग्ध को रोक लिया।

कार्यवाही के विवरण देते हुए डीसीपी ने बताया कि आरोपी एक होंडा एक्टिवा स्कूटी पर सवार था, जिसकी नंबर प्लेट को पहचान छिपाने के लिए मोड़ा गया था। जब पुलिस ने उसे काबू कर तलाशी ली, तो उसकी जेब से एक प्रतिबंधित बटनदार चाकू बरामद हुआ। इसके अलावा, उसके पास से एक विवो कंपनी का नीला मोबाइल फोन भी मिला। जाँच में पता चला कि स्कूटी आनंद विहार थाने से चोरी की गई थी और मोबाइल फोन मधु विहार थाने में दर्ज चोरी के एक पुराने मामले से संबंधित था।

आरोपी के प्रोफाइल के बारे में जानकारी देते हुए डीसीपी ने बताया कि अजय उर्फ झगड़ू हसनपुर की इंद्र कैंप झुग्गियों का रहने वाला है। वह अनपढ़ है और दिहाड़ी मजदूरी की आड़ में नशे की लत को पूरा करने के लिए वारदातों को अंजाम देता था। मधु विहार और मंडावली थानों में उसके खिलाफ पहले से 08 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। फिलहाल पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि वह चोरी के इन सामानों को कहाँ बेचने की फिराक में था और उसके साथ इस सिंडिकेट में और कौन शामिल है।

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