नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला शातिर अपराधी गिरफ्तार, व्हाट्सएप कॉल के जरिए फंसाता था जाल में

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा जिला की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन जॉब फ्रॉड के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी कपिल कुमार, निवासी मोहम्मदपुर गांव (आर.के. पुरम, दिल्ली) को तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजेक्शन के विश्लेषण के बाद दबोचा है। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन और उस बैंक खाते की पासबुक बरामद की गई है, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर करवाई गई थी। आरोपी ने एक पीड़ित से उसके परिवार के सदस्यों को नौकरी दिलाने के नाम पर 35,000 रुपये की धोखाधड़ी की थी।

शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए उससे संपर्क किया और परिवार के सदस्यों के लिए नौकरी लगवाने का झांसा दिया। विश्वास जीतने के बाद, आरोपी ने रजिस्ट्रेशन फीस, सुरक्षा जमा और अन्य शुल्कों के बहाने पीड़ित से 35,000 रुपये अपने बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में जमा करवा लिए। पैसा मिलने के बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क से बाहर हो गया। इस संबंध में 3 अप्रैल 2026 को साइबर थाना शाहदरा में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले को सुलझाने के लिए एसीपी ऑपरेशंस मोहिंदर सिंह की देखरेख और साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, एएसआई राजदीप, हेड कांस्टेबल जावेद, दीपक, नरेंद्र, दिनेश और कांस्टेबल रंजीत की एक विशेष टीम गठित की गई। डीसीपी ने बताया कि टीम ने पैसों के लेनदेन का बारीकी से विश्लेषण किया और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली। जांच में पता चला कि जिस खाते में पैसा गया और जिस नंबर से कॉल किया गया, वे दोनों कपिल कुमार के नाम पर ही पंजीकृत थे। पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी की कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए डीसीपी ने बताया कि वह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी नौकरी के विज्ञापन पोस्ट करता था या विभिन्न स्रोतों से बेरोजगार युवाओं के नंबर हासिल करता था। वह खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों का एचआर बताकर लोगों को आकर्षक वेतन और त्वरित प्लेसमेंट का लालच देता था। एक बार जब पीड़ित जाल में फंस जाता, तो वह ट्रेनिंग या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे ऐंठता था। डीसीपी ने बताया कि आरोपी को संबंधित अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में शामिल उसके अन्य साथियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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