साइबर ठगों के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: बिजली बिल अपडेट करने के नाम पर ठगे थे 6 लाख, मुंबई से दो गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस की साइबर सेल ने बिजली बिल अपडेट करने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन ठगों के पास से छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं और इनकी गिरफ्तारी से ठगी के तीन बड़े मामलों को सुलझाने का दावा किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अतुल सिंह (34) और अनुज काशीनाथ साल्वी (41) के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस टीम ने तकनीकी सुरागों के आधार पर महाराष्ट्र के मुंबई और विरार इलाके से दबोचा है। इस गिरोह ने ताहिरपुर निवासी एक व्यक्ति के मोबाइल को हैक कर उनके बैंक खाते से ₹6.02 लाख की बड़ी राशि उड़ा दी थी।

ठगी का यह खेल तब शुरू हुआ जब ताहिरपुर निवासी मोहन के पास बीएसईएस बिजली कार्यालय का कर्मचारी बनकर एक फोन आया। जालसाज ने पीड़ित को विश्वास में लिया कि उसके बिजली बिल में नाम अपडेट करना अनिवार्य है और इसके लिए एक ‘एपीके’ फाइल डाउनलोड करने का झांसा दिया। जैसे ही पीड़ित ने फाइल इंस्टॉल की, उसका मोबाइल फोन ठगों के नियंत्रण में आ गया। इसके बाद ठगों ने पीड़ित के बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का उपयोग कर कई बार में कुल ₹6,02,475/- की चपत लगा दी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

साइबर सेल के एसएचओ इंस्पेक्टर राहुल कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने ट्रांजैक्शन ट्रेल और डिजिटल फुटप्रिंट्स का बारीकी से विश्लेषण किया, जिससे ठगों की लोकेशन मुंबई में मिली। पुलिस टीम ने वहां छापेमारी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये आरोपी न केवल दिल्ली बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय थे और अब तक 10 अन्य ठगी के मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस अब इनके बैंक खातों को खंगाल रही है ताकि ठगी गई राशि को फ्रीज कराया जा सके। इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए फर्जी सिम कार्ड के नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

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