घरेलू सहायिका बनकर दिल्ली में छिपी दो बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार; स्नातक पास महिला भी शामिल

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले के विदेशी प्रकोष्ठ ने अवैध प्रवास के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो बांग्लादेशी महिला नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं शालीमार बाग और हैदरपुर इलाके में अपनी पहचान छिपाकर घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थीं और दिल्ली में स्थायी रूप से बसने का प्रयास कर रही थीं। पुलिस ने इनके कब्जे से प्रतिबंधित IMO ऐप वाले स्मार्टफोन और बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान दस्तावेज बरामद किए हैं।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि विदेशी प्रकोष्ठ को सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी महिलाएं अवैध रूप से शालीमार बाग क्षेत्र की कोठियों में मेड के रूप में काम कर रही हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए एसीपी विदेशी प्रकोष्ठ आकाश रावत के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एसआई श्यामबीर, एएसआई राजिंदर व अन्य) का गठन किया गया। 1 अप्रैल को टीम ने हैदरपुर क्षेत्र में जाल बिछाया और मुखबिर के इशारे पर दो संदिग्ध महिलाओं को रोका।

शुरुआती पूछताछ में दोनों महिलाओं ने खुद को भारतीय नागरिक बताते हुए पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास किया। हालांकि, उनके असंगत जवाबों और गहन जांच के बाद यह स्थापित हो गया कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं और बिना किसी वैध पासपोर्ट या वीजा के भारत में रह रही थीं। पकड़ी गई महिलाओं में से एक, अफरोजा खातून स्नातक है, जबकि लुकी बेगम अनपढ़ है। पूछताछ में पता चला कि स्नातक महिला अधिक पैसा कमाने के उद्देश्य से अवैध रूप से दिल्ली आई थी।

पुलिस ने इनके मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें प्रतिबंधित संचार ऐप ‘IMO’ इंस्टॉल पाया गया। साथ ही, फोन की गैलरी से बांग्लादेशी पहचान पत्र के डिजिटल साक्ष्य भी मिले। पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। नियम अनुसार, उन्हें वापस उनके देश भेजने (निर्वासन) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पकड़ी गई महिलाओं की पहचान अफरोजा खातून (47 वर्ष) निवासी जिला नराइल, बांग्लादेश और लुकी बेगम (36 वर्ष) निवासी जिला कोमिला, बांग्लादेश के रूप में हुई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन्हें सीमा पार कराने और दिल्ली में शरण दिलाने में किन स्थानीय एजेंटों का हाथ था।

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