अशोक विहार पुलिस ने कुख्यात अपराधी को दबोचा; लूटे गए मोबाइल और चोरी की स्कूटी बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले के थाना अशोक विहार की पुलिस टीम ने चोरी और लूट के सामान को ठिकाने लगाने वाले एक कुख्यात रिसीवर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस कार्रवाई के माध्यम से अशोक विहार में हुई लूट व चोरी और थाना रूप नगर से जुड़ी वाहन चोरी की गुत्थी सुलझा ली है। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से एक लूटा हुआ मोबाइल फोन, तीन चोरी के मोबाइल फोन और एक चोरी की स्कूटी बरामद की गई है।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि 31 मार्च को अशोक विहार थाने में लूट की एक FIR दर्ज होने के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए एसीपी अशोक विहार आकाश रावत के मार्गदर्शन और अशोक विहार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक समर्पित टीम गठित की गई थी। इस टीम में डब्ल्यूपीआईए चौकी प्रभारी एसआई रोहित चाहर, एसआई राकेश, हेड कांस्टेबल मनोज, अश्विनी और कांस्टेबल सुमित शामिल थे।

टीम ने घटनास्थल के आसपास के कई सीसीटीवी कैमरों की जांच की और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों के भागने के रास्ते की पहचान की। 1 अप्रैल को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने डब्ल्यूपीआईए क्षेत्र में रणनीतिक रूप से जाल बिछाया। टीम ने स्कूटी पर सवार एक संदिग्ध को ट्रैक किया और घेराबंदी कर उसे मौके पर ही काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान हरिदेश (31 वर्ष) के रूप में हुई।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी जिस स्कूटी पर सवार था, वह थाना रूप नगर से साल 2017 में चोरी हुई थी। उसके पास से मिला मोबाइल फोन थाना अशोक विहार की हालिया लूट से संबंधित पाया गया। आरोपी की निशानदेही पर 3 अन्य मोबाइल फोन भी बरामद किए गए जो अशोक विहार क्षेत्र से ही चोरी हुए थे।

पूछताछ में हरिदेश ने कबूल किया कि वह अपराधियों से चोरी के मोबाइल फोन खरीदकर उन्हें आगे बेचता था ताकि कम समय में अधिक पैसा कमा सके। सत्यापन करने पर पाया गया कि वह एक सक्रिय अपराधी है और उस पर पहले से ही हत्या और सशस्त्र लूट के दो गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हरिदेश किन-किन लुटेरों और चोरों के संपर्क में था और उसने अब तक कितने चोरी के मोबाइल बाजार में खपाए हैं।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More