दिल्ली में ‘टारगेट किलिंग’ की साजिश नाकाम; भारी मात्रा में अवैध हथियारों के साथ खूंखार अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी में ‘टारगेट किलिंग’ और आतंक फैलाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने एक शातिर अपराधी जुबेर उर्फ अमान (34 वर्ष) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देसी कट्टा और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी का इरादा इन हथियारों का इस्तेमाल कर अपने विरोधियों की हत्या करने और इलाके में अपना दबदबा कायम करने का था।

दक्षिण जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि स्पेशल स्टाफ के हेड कांस्टेबल यशपाल को गुप्त सूचना मिली थी कि जुबेर अवैध हथियारों की तस्करी और किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी हेडक्वार्टर अभिनेंद्र जैन के मार्गदर्शन और स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर अनुज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एचसी यशपाल, प्रवीण, संतवीर, नरेंद्र और कांस्टेबल महेंद्र) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी निगरानी और रणनीतिक घेराबंदी के बाद 30 मार्च को जुबेर को सफलतापूर्वक दबोच लिया।

पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी जुबेर एक संगठित हथियार सप्लाई चेन का हिस्सा था और वह अन्य अपराधियों के लिए हथियारों को छिपाकर रखने वाले ‘ट्रस्टेड कस्टोडियन’ के रूप में काम करता था। वह लगातार अपने ठिकाने बदलता था और पुलिस से बचने के लिए गुप्त संचार माध्यमों का उपयोग करता था। जांच में सामने आया कि वह विशिष्ट व्यक्तियों को खत्म करने की योजना बना रहा था और इसके लिए उसने भारी मात्रा में हथियार और कारतूस इकट्ठा किए थे। इन हथियारों का इस्तेमाल लूटपाट, डराने-धमकाने और फायरिंग की घटनाओं के जरिए आतंक फैलाने के लिए भी किया जाना था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जुबेर उर्फ अमान का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी नेब सराय थाने में दर्ज दो गंभीर मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने इस संबंध में थाना अंबेडकर नगर में आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस आर्म्स सप्लाई चेन के मुख्य स्रोतों और उसके अन्य साथियों का पता लगाया जा सके।

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