साल की बच्ची से सोने का लकेट झपटकर भागने वाला शातिर स्नैचर गिरफ्तार, छीना गया आभूषण बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के साउथ जिले की नेब सराय थाना पुलिस टीम ने झपटमारी की वारदातों पर कड़ा प्रहार करते हुए एक बेहद शातिर और सक्रिय स्नैचर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रिंस पुत्र राजू (25 वर्ष), निवासी तिगड़ी, नई दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के कब्जे और निशानदेही पर एक मासूम बच्ची से छीना गया सोने का लॉकेट बरामद कर लिया है। इस कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी से पुलिस ने नेब सराय और तिगड़ी थानों में दर्ज स्नैचिंग के दो मामलों का सफल खुलासा किया है। जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और दिल्ली के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, अवैध शराब तस्करी और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने जैसे 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

साउथ जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि नेब सराय थाने में एक पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक अज्ञात बदमाश ने एक सात साल की मासूम बच्ची के गले से सोने का लॉकेट झपट लिया है और मौके से फरार हो गया है। इस संवेदनशील मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए नेब सराय थाने में बीएनएस की धारा 304(2)/317(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

वारदात की गंभीरता और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए नेब सराय थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर पारस नाथ वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र, हेड कांस्टेबल हरज्ञान, हेड कांस्टेबल मलकीत, हेड कांस्टेबल मनोज और कांस्टेबल संदीप को शामिल किया गया। यह पूरा ऑपरेशन संगम विहार सब-डिवीजन के एसीपी के करीबी और कुशल पर्यवेक्षण में चलाया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण का सहारा लेते हुए घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इसके साथ ही स्थानीय मुखबिरों और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया। लगातार किए गए प्रयासों और सीसीटीवी कड़ियों को जोड़ने के बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध की पहचान प्रिंस के रूप में की और रणनीतिक रूप से घेराबंदी करके उसे सफलतापूर्वक धर दबोचा।

थाने लाकर की गई गहन पूछताछ में आरोपी प्रिंस टूट गया और उसने मासूम बच्ची से स्नैचिंग करने का जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने छीना हुआ सोने का लॉकेट बरामद कर उसे केस प्रॉपर्टी के रूप में जब्त कर लिया। पूछताछ में उसने तिगड़ी थाने के एक अन्य स्नैचिंग मामले में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपी प्रिंस का तरीका यह था कि वह भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेपरवाह पैदल चलने वाले राहगीरों को निशाना बनाता था और झपट्टा मारकर कीमती सामान छीनकर पलक झपकते ही फरार हो जाता था। वह पुलिस से बचने के लिए चोरी का सामान तुरंत छिपा देता था।

पुलिस रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चला है कि आरोपी प्रिंस एक पेशेवर और पुराना अपराधी है। वह साल 2017 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय है और उसके खिलाफ नेब सराय, संगम विहार, आंबेडकर नगर, के.एम. पुर और सी.आर. पार्क थानों में आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और हत्या के प्रयास के तहत कई मामले दर्ज हैं। वह संगम विहार थाने के एक मामले में पुलिस टीम पर हमला करने और जान से मारने की कोशिश के आरोप में भी शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे आगे की पूछताछ की जा रही है ताकि उसके नेटवर्क और अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।

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