आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास चांदनी चौक के ज्वैलर स्टाफ से हुई लूट की गुत्थी सुलझी, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी जिले के थाना पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र की पुलिस टीम ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास फुट ओवर ब्रिज पर एक ज्वैलर कर्मचारी से हुई लूट की वारदात को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी बरामद कर ली है। खास बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में से एक गांव में अपनी ज्वैलरी की दुकान चलाता है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि 29 मार्च को चांदनी चौक स्थित ‘चंदन ज्वैलर्स’ में काम करने वाले रविंद्र यादव ज्वैलरी के तीन पैकेट लेकर लौट रहे थे। जब वे आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास फुट ओवर ब्रिज पर पहुँचे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। एक तगड़े बदन के बदमाश ने उन्हें दबोच लिया, जबकि बाकी दो ने उनकी जेब से ज्वैलरी का पैकेट छीन लिया। रविंद्र के शोर मचाने पर पास में ही पैदल गश्त कर रही पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर ही एक आरोपी प्रशांत को दबोच लिया, जबकि उसके दो साथी भागने में सफल रहे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी मधु विहार के मार्गदर्शन और पीआईए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एसआई माया शंकर, पीएसआई ऋतिक व अन्य) का गठन किया गया। मौके से पकड़े गए प्रशांत से पूछताछ के बाद उसके साथियों बबलू और टार्जन के नाम सामने आए। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत के गांव बांगड़ में छापेमारी कर बबलू को गिरफ्तार किया। वहीं, तीसरे आरोपी टार्जन ने पुलिस को काफी छकाया। वह पहले मेरठ भागा, लेकिन पुलिस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और अंततः उसे सोनीपत के महेंद्रगढ़ बाईपास के पास एक घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान बबलू (44 वर्ष), प्रशांत (27 वर्ष) और टार्जन (28 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया कि बबलू अपने गांव में ज्वैलरी की दुकान चलाता है, प्रशांत की कपड़ों की दुकान है और टार्जन स्नातक पास है और इवेंट ऑर्गेनाइजर का काम करता है। हालांकि इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन पुलिस अब इनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि लूटी गई ज्वैलरी और अन्य संभावित वारदातों का पता लगाया जा सके।

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