‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत मार्च महीने में 155 लापता व्यक्तियों को परिवार से मिलाया, इस साल अब तक 348 लोगों को मिलाया

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत समर्पण और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करते हुए मार्च के महीने में कुल 155 लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने में सफलता हासिल की है। बरामद किए गए लोगों में 39 बच्चे और 116 वयस्क शामिल हैं। पुलिस की इस तत्परता और पेशेवर कार्यशैली ने कई दुखी परिवारों के जीवन में फिर से खुशियों की रोशनी भर दी है। इस वर्ष के शुरुआती तीन महीनों (जनवरी से मार्च) के आंकड़ों पर नजर डालें तो साउथ-वेस्ट जिला पुलिस अब तक कुल 348 लापता लोगों (98 नाबालिग और 250 वयस्क) को सुरक्षित ढूंढ चुकी है।

दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि जैसे ही किसी व्यक्ति या बच्चे के लापता होने की सूचना मिलती है, पुलिस की टीमें तुरंत हरकत में आ जाती हैं। इन ऑपरेशनों में सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के साथ-साथ ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर लापता लोगों की तस्वीरें दिखाकर गहन पूछताछ की जाती है। पुलिस टीमों ने बस ड्राइवरों, कंडक्टरों और स्थानीय रेहड़ी-पटरी वालों से भी लगातार संपर्क साधा। इसके अलावा, पास के पुलिस थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड की सघन जांच की गई और स्थानीय मुखबिरों की मदद ली गई, जिसके परिणामस्वरूप बिछड़े हुए लोग सुरक्षित बरामद किए जा सके।

थानों की उपलब्धियों का विवरण देते हुए डीसीपी ने बताया कि एएचटीयू की टीम ने अकेले 19 नाबालिग बच्चों (6 लड़के और 13 लड़कियां) को खोज निकाला। वहीं, थाना कापसहेड़ा ने 3 नाबालिग लड़कियों सहित कुल 25 लोगों को बरामद किया, जबकि थाना सागरपुर ने 4 नाबालिग लड़कियों और 15 वयस्कों को उनके परिजनों से मिलाया। इसी तरह वसंत कुंज साउथ ने 1 से 18 वर्ष की 7 नाबालिग लड़कियों और 9 वयस्कों को सुरक्षित घर पहुँचाया। पालम विलेज, आर.के. पुरम, सफदरजंग एनक्लेव और वसंत विहार जैसे थानों ने भी इस मानवीय कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। ‘ऑपरेशन मिलाप’ के जरिए दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर जनता की सेवा और सुरक्षा के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया है।

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