ईस्ट दिल्ली में ऑपरेशन कवच के तहत 46 टीमों ने 79 ठिकानों पर की छापेमारी, कोकीन, एमडीएमए और हथियारों के साथ 180 अपराधियों को भेजा जेल

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर अमल करते हुए पूर्वी जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन कवच 13.0’ के तहत 48 घंटे का एक सघन और व्यापक सुरक्षा अभियान चलाकर अपराध जगत को करारा झटका दिया है। 29 मार्च की शाम से 31 मार्च की शाम तक चले इस निरंतर अभियान में जिले के सभी 11 थानों और विशेष इकाइयों (स्पेशल स्टाफ, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड, एएटीएस, एंटी-स्नैचिंग सेल) की 46 टीमों ने कुल 79 चिन्हित ‘हॉटस्पॉट्स’ पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस मैराथन कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत 180 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ड्रग तस्करी, अवैध शराब के धंधे और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को पूरी तरह से बाधित करना था। नारकोटिक्स के तहत पुलिस ने 23 मामले दर्ज कर 26 तस्करों को दबोचा, जिनसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये मूल्य की 120.18 ग्राम कोकीन और 36.86 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई। इसके साथ ही 2 स्कूटी, वजन करने वाली मशीनें, 6 मोबाइल फोन और 2 पासपोर्ट भी जब्त किए गए। आबकारी अधिनियम के तहत 21 मामले दर्ज कर 1241 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई, जबकि हथियारों के खिलाफ कार्रवाई में एक देशी पिस्तौल और 12 चाकू जब्त कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने न केवल गिरफ्तारियां कीं, बल्कि ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ के तहत भी कड़े कदम उठाए। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले 149 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत 2540 व्यक्तियों की सघन जांच की गई। इसके अलावा, 172 घोषित अपराधियों का वेरिफिकेशन किया गया और 3 भगोड़े अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। सड़कों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए 256 कोटपा चालान भी काटे गए। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के निरंतर अभियानों से न केवल अपराधियों में डर पैदा हुआ है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा का भाव भी बढ़ा है। पूर्वी जिला पुलिस भविष्य में भी इस प्रकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियानों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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