अदालती आदेशों की अवहेलना करने वाले अपराधियों पर गिरी गाज, 4 भगोड़े अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस टीमों ने भगोड़े अपराधियों और कानून से बचने वाले आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के सफदरजंग अस्पताल चौकी (थाना सफदरजंग एन्क्लेव), थाना पालम विलेज और थाना वसंत विहार की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाइयों में जितेन्द्र निगम (31 वर्ष), वंदना खेत्रपाल (38 वर्ष), प्रदीप (32 वर्ष) और सुबोध कुमार (45 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी आबकारी अधिनियम, छेड़छाड़, पोक्सो एक्ट और एनआई एक्ट जैसे गंभीर मामलों में अदालतों द्वारा भगोड़ा घोषित किए गए थे।

दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और पैरोल जंपर्स की धरपकड़ के लिए एसीपी ऑपरेशंस और संबंधित थाना प्रभारियों के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गई थीं। पहली बड़ी कामयाबी सफदरजंग अस्पताल चौकी प्रभारी एसआई जितेंद्र कुमार की टीम को मिली, जिन्होंने गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-1 में छापेमारी कर जितेन्द्र निगम को दबोचा। जितेंद्र सफदरजंग एन्क्लेव थाने में दर्ज आबकारी अधिनियम के मामले में फरार था और अदालत ने उसे 9 मार्च को भगोड़ा घोषित किया था। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है और वह पहले लूट के मामलों में शामिल रहा है।

वहीं, थाना पालम विलेज की टीम ने दो महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां कीं। हेड कांस्टेबल राजेश और महिला कांस्टेबल श्यामा की टीम ने स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर वंदना खेत्रपाल को पालम विलेज से गिरफ्तार किया, जो साल 2019 के मारपीट के एक मामले में मार्च 2025 से भगोड़ा घोषित थी। इसी थाने की दूसरी टीम ने महिला एसआई सोनम जोशी के नेतृत्व में फरीदाबाद के एनआईटी इलाके में छापेमारी कर प्रदीप को गिरफ्तार किया। प्रदीप पर साल 2023 में अपहरण और दुष्कर्म जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज था। चौथी गिरफ्तारी थाना वसंत विहार की टीम ने की, जिसने बुलंदशहर (यूपी) से सुबोध कुमार को दबोचा। सुबोध साकेत कोर्ट में लंबित एनआई एक्ट के छह अलग-अलग मामलों में दिसंबर 2024 से भगोड़ा घोषित था। पुलिस अब इन सभी आरोपियों को संबंधित अदालतों में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और अन्य भगोड़े अपराधियों की तलाश जारी है।

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