पिता की मेहनत की कमाई पर बेटे की नजर, अय्याशी के लिए रची थी ₹10 लाख की लूट की साजिश, दो साथियों समेत गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी जिले के थाना लक्ष्मी नगर की पुलिस टीम ने ₹10 लाख की लूट के एक बेहद पेचीदा और सनसनीखेज मामले को महज 24 घंटों के भीतर सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस लूट का मुख्य सूत्रधार शिकायतकर्ता का अपना बेटा ही निकला। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि और वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की एक्टिवा स्कूटी बरामद कर ली है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि 31 मार्च को लक्ष्मी नगर इलाके में दो नकाबपोश बदमाशों द्वारा दो राउंड फायरिंग कर ₹10 लाख लूटने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी प्रीत विहार अशोक कुमार के मार्गदर्शन और लक्ष्मी नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अजीत कुमार झा के नेतृत्व में एक विशेष टीम (एसआई रोहित सागर, एचसी मनोज, एचसी रहीश व अन्य) का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के आसपास के 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया।

जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता के बेटे तवलीन उर्फ रेहत (21 वर्ष) की गतिविधियों पर संदेह हुआ। जब उसे मुखर्जी नगर से हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि उसने अपने दो साथियों, मोहित कुमार तिवारी (22 वर्ष) और पंकज (22 वर्ष) के साथ मिलकर इस लूट की योजना बनाई थी। तवलीन खुद स्कूटी चला रहा था, जबकि मोहित ने पीछे बैठकर फायरिंग की थी। पंकज इस पूरी साजिश की प्लानिंग में शामिल था।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी मोहित और पंकज आनंद विहार से एक निजी बस में सवार होकर बिहार भाग रहे थे। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर बस का पीछा किया और लखनऊ टोल प्लाजा पर घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात के लिए इस्तेमाल की गई पिस्टल मोहित ने बिहार के मुंगेर से ₹45,000 में खरीदी थी। आरोपियों का मकसद आसान तरीके से पैसा कमाकर विलासितापूर्ण जीवन जीना था। फिलहाल पुलिस हथियार की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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