किशनगंज रेलवे लाइन पर चल रहा था नशे का काला कारोबार: स्पेशल स्टाफ ने ₹30 लाख की स्मैक समेत तस्कर को पकड़ा

नई दिल्ली: दिल्ली के सेंट्रल जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में किशनगंज इलाके से एक महिला ड्रग पेडलर मंजू (57 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 290 ग्राम स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹30 लाख आंकी गई है। पुलिस ने मौके से नशे की कमाई के ₹3,420 नकद और एक छोटी वजन करने वाली मशीन भी जब्त की है।

सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि संगठित अपराध और नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा के मार्गदर्शन और स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर रोहित कुमार के नेतृत्व में एक समर्पित टीम गठित की गई थी। 29 मार्च को पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि किशनगंज रेलवे लाइन के पास स्थित झुग्गियों में एक महिला स्मैक बेचने का काम कर रही है। सूचना मिलते ही एसआई विजय, एएसआई प्रताप और महिला कांस्टेबल कोमल की टीम ने मौके पर रणनीतिक घेराबंदी की।

निगरानी के दौरान मुखबिर ने रेलवे लाइन के पास बैठी एक महिला की पहचान की, जिसे पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दबोच लिया। तलाशी के दौरान महिला के पास से भूरे रंग के तीन पार्सल बरामद हुए, जिनमें से तेज गंध आ रही थी। जांच करने पर पार्सल में स्मैक होने की पुष्टि हुई। वजन करने पर इसकी मात्रा 290 ग्राम पाई गई, जो कानूनन व्यावसायिक श्रेणी में आती है।

पूछताछ में आरोपी मंजू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि ‘कालू’ नाम का व्यक्ति, जो फिलहाल जेल में बंद है, पहले उसे स्मैक सप्लाई करता था। अब कालू की पत्नी इस सप्लाई चेन को संभाल रही है और वही उसे नशे की खेप पहुँचाती है। पुलिस ने इस संबंध में थाना डीबीजी रोड में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(c) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस इस पूरे ड्रग सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचने और मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।

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