क्राइम ब्रांच ने मेरठ में अवैध हथियार फैक्ट्री का किया भंडाफोड़; खालिस्तानी आतंकियों को करते थे सप्लाई, हथियारों का जखीरा बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (NR-II यूनिट) ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में चल रही एक अवैध हथियार निर्माण यूनिट का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों परवेज उर्फ फर्रू (37 वर्ष) और हासिर उर्फ शूटर (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 25 खतरनाक ‘पेन पिस्टल’, 78 मैगजीन, सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और हथियार बनाने वाली मशीनें बरामद की गई हैं। मुख्य आरोपी परवेज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह NIA द्वारा UAPA के तहत भी बुक किया जा चुका है।

डीसीपी (क्राइम) पंकज कुमार ने बताया कि यह ऑपरेशन तब शुरू हुआ जब हेड कांस्टेबल सिद्धार्थ को मेरठ से दिल्ली में हथियारों की बड़ी खेप आने की सूचना मिली। 19 मार्च को टीम ने बादली रेलवे स्टेशन के पास जाल बिछाकर हासिर उर्फ शूटर को दबोचा, जिसके पास से 2 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और एक पेन पिस्टल मिली। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह ये हथियार मेरठ निवासी परवेज उर्फ फर्रू से खरीदता है। इसके बाद एसीपी गिरीश कौशिक और इंस्पेक्टर नीरज शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने 26 मार्च को मेरठ में परवेज के घर पर छापेमारी की।

पुलिस को देखते ही परवेज ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे पीछा कर पकड़ लिया। जब उसके घर की ऊपरी मंजिल की तलाशी ली गई, तो वहां हथियारों का पूरा कारखाना मिला। वहां से 24 पेन पिस्टल, 78 मैगजीन, बैरल, स्लाइड, ड्रिल मशीन और स्प्रिंग जैसे छोटे-बड़े उपकरण बरामद हुए। इस ऑपरेशन की सबसे चौंकाने वाली रिकवरी ‘पेन पिस्टल’ रही। ये पिस्टल हुबहू साधारण पेन जैसी दिखती हैं, जिन्हें तलाशी के दौरान पहचानना बेहद मुश्किल होता है। ये करीब से वार करने पर जानलेवा साबित होती हैं और इनमें 7.65mm के कारतूस का इस्तेमाल होता है।

आरोपी परवेज उर्फ फर्रू का प्रोफाइल बेहद खौफनाक है। वह पिछले 18 साल से इस धंधे में है। साल 2017 में उसे NIA ने UAPA के तहत गिरफ्तार किया था क्योंकि उसने खालिस्तानी आतंकियों को वे हथियार सप्लाई किए थे, जिनसे पंजाब में प्रमुख नेताओं की ‘टारगेट किलिंग’ की गई थी। वह करीब 5 साल जेल में रहा और बाहर आकर फिर से हथियार बनाने लगा। वहीं दूसरा आरोपी हासिर भी शातिर अपराधी है, जो पहले मुजफ्फरनगर में पुलिस पार्टी पर फायरिंग और 50 लाख की चोरी जैसे 10 मामलों में शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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