ओडिशा के जंगलों से दिल्ली तक फैला नशा तस्करी का सिंडिकेट ध्वस्त, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने मुख्य सप्लायर को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी जिले के एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने अंतरराज्यीय नशा तस्करी के खिलाफ एक बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देते हुए ओडिशा के सुदूर इलाकों से मुख्य सप्लायर आकाश कुमार डिगल (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में पहले ही 21 किलो 730 ग्राम गांजा और 46 ग्राम स्मैक बरामद की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 लाख रुपये है। आरोपी आकाश ओडिशा के कंधमाल जिले के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से गांजे की खेती करवाकर उसे दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने वाले सिंडिकेट का मुख्य स्रोत है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत 11-12 मार्च 2026 की दरम्यानी रात को हुई थी, जब पुलिस टीम ने कल्याणपुरी इलाके से दो तस्करों अकबर (36 वर्ष) और फिरोज खान (41 वर्ष) को एक स्कूटी और भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी फिरोज खान पर पहले से ही यूपी गैंगस्टर एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में फिरोज ने खुलासा किया था कि वह सारा माल ओडिशा निवासी आकाश कुमार डिगल से मंगवाता है। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि जब तक नशे के स्रोत को खत्म नहीं किया जाता, तब तक तस्करी को रोकना नामुमकिन है, इसलिए स्पेशल टीम को ओडिशा भेजा गया।

जांच के दौरान पता चला कि जैसे ही दिल्ली में तस्कर पकड़े गए, मुख्य आरोपी आकाश ने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए और ओडिशा के कंधमाल के बीहड़ जंगलों में छिप गया। इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में एएसआई अमित, अरुण और उनकी टीम ने ओडिशा के कई जिलों में लगातार छापेमारी की। कई दिनों की तकनीकी निगरानी के बाद 26 मार्च 2026 को पुलिस ने आकाश को तब ट्रैक किया जब वह अपना ठिकाना बदल रहा था। कंधमाल से भुवनेश्वर तक करीब 200 किलोमीटर के पीछा करने के बाद टीम ने उसे सफलतापूर्वक दबोच लिया। आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के बाद 28 मार्च को दिल्ली लाया गया।

पूछताछ में आरोपी आकाश ने बताया कि उसका गांव घने जंगलों के बीच पहाड़ियों पर स्थित है, जहां पुलिस और प्रशासन का पहुंचना कठिन है। वहां प्राकृतिक रूप से उगने वाले गांजे की बाजार में भारी मांग देखकर उसने तस्करी शुरू की थी। वह पिछले 2-3 साल से गाजियाबाद के फिरोज खान के संपर्क में था और उसे थोक में गांजा भेजता था। आरोपी केवल 8वीं तक पढ़ा है और अधिक पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे में उतरा था। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य लिंक और खरीदारों की पहचान कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ा जा सके।

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