हर दो मिनट में उड़ेगा एक जहाज’, PM मोदी ने किया एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का उद्घाटन!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXN) का लोकार्पण किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के विकास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।
यह एयरपोर्ट न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि एशिया के सबसे बड़े ट्रांजिट हब के रूप में उभरेगा।

प्रधानमंत्री ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह एयरपोर्ट ‘नए भारत’ की नई कार्यसंस्कृति का उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस एयरपोर्ट की क्षमता इतनी होगी कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भर सकेगा, जो पश्चिमी यूपी के किसानों, युवाओं और व्यापारियों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगा।

पिछली सरकारों के लिए नोएडा ‘लूट का एटीएम’ था

पीएम ने गर्व के साथ शेयर किया कि जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास उन्होंने किया था, आज उद्घाटन का सौभाग्य भी उन्हें ही मिला। उनके अनुसार, पिछली सरकारों के लिए नोएडा ‘लूट का एटीएम’ था, लेकिन आज यह उत्तर प्रदेश के विकास का असली पावरहाउस बन चुका है।

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 करोड़ जनता की ओर से पीएम का स्वागत करते हुए वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत की मजबूती का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहां दुनिया युद्ध और तेल की बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, वहीं पीएम मोदी के दूरदर्शी फैसलों ने भारत में आपूर्ति और कीमतों को स्थिर रखा है।

सीएम ने विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के ऐतिहासिक फैसले के लिए पीएम का धन्यवाद किया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले यूपी जिस ‘डेवलपमेंटल बॉटलनेक’ का शिकार था, उसे अब डबल इंजन सरकार ने पूरी तरह खत्म कर दिया है।

वैश्विक संकट के बीच भारत की रणनीति पर पीएम ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का जिक्र करते हुए देश को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी ताकत से लड़ रही है ताकि वैश्विक संकट का बोझ आम परिवारों और किसानों पर न पड़े। उन्होंने बताया कि खाद, तेल और गैस की वैश्विक किल्लत के बावजूद भारत अपनी विकास गति को धीमा नहीं होने दे रहा है। जेवर एयरपोर्ट के साथ-साथ नोएडा की सेमीकंडक्टर फैक्ट्री और ‘नमो भारत’ ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट्स इस बात का प्रमाण हैं कि भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और कनेक्टिविटी के मामले में स्मार्ट बन रहा है।
जेवर एयरपोर्ट की वे खास बातें क्या हैं जो इसे खास बनाती हैं?

इस एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा विशाल रनवे बनाया गया है जो दुनिया के सबसे बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है। यहाँ 40 एकड़ में फैला एक विशेष मेंटेनेंस और रिपेयर (MRO) केंद्र भी है, जो अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, 80 एकड़ का मल्टी-मॉडल कार्गो हब बनाया गया है जो क्षेत्र के विनिर्माण केंद्रों को सीधी कनेक्टिविटी देकर आयात-निर्यात को नई गति प्रदान करेगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: 2001 से 2026 तक की टाइमलाइन

साल 2001: तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जेवर एयरपोर्ट का सपना देखा।
29 नवंबर 2019: स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को निर्माण का टेंडर मिला।
18 दिसंबर 2020: ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ नाम और लोगो फाइनल हुआ।
25 नवंबर 2021: पीएम मोदी ने एयरपोर्ट की आधारशिला (शिलान्यास) रखी।
3 जून 2022: टाटा प्रोजेक्ट्स को निर्माण का जिम्मा (EPC ठेकेदार) मिला।
27 सितंबर 2023: आईएटीए (IATA) ने एयरपोर्ट को ‘DXN’ कोड दिया।
9 दिसंबर 2024: रनवे पर इंडिगो की पहली टेस्टिंग फ्लाइट सफलतापूर्वक उतरी।
5 मार्च 2026: नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से सुरक्षा क्लीयरेंस मिला।
6 मार्च 2026: एयरपोर्ट को परिचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस प्रदान किया गया।
28 मार्च 2026 (आज): प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हवाई अड्डे का भव्य उद्घाटन।

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