ओडिशा से दिल्ली-एनसीआर तक फैले ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 80 किलो गांजे के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, वर्ना कार जब्त

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशे के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। नॉर्दर्न रेंज-I (NR-1) की टीम ने एक रणनीतिक ऑपरेशन के दौरान अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक हुंडई वर्ना कार की डिग्गी में छिपाकर रखा गया 80.670 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया गया है। पकड़े गए तस्करों की पहचान लोकेश भारद्वाज और अख्तर खान के रूप में हुई है, जो ओडिशा से दिल्ली-एनसीआर में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि एएसआई संदीप सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि राजस्थान के भिवाड़ी से दिल्ली के आजादपुर सब्जी मंडी इलाके में गांजे की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। सूचना को पुख्ता करने के बाद एसीपी अशोक कुमार शर्मा के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर संजय कौशिक के नेतृत्व में एसआई नरेंद्र, एएसआई संदीप, हुकम चंद और अन्य पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आजादपुर सब्जी मंडी की सर्विस लेन पर जाल बिछाया और संदिग्ध वर्ना कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली, तो डिग्गी से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

जांच में सामने आया है कि आरोपी लोकेश भारद्वाज (28 वर्ष), जो हरियाणा के रेवाड़ी का निवासी है, पहले भी 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुका था और बीती फरवरी में ही जमानत पर बाहर आया था। बाहर आते ही उसने फिर से तस्करी का काम शुरू कर दिया। वहीं, दूसरा आरोपी अख्तर खान (36 वर्ष), जो राजस्थान के भिवाड़ी में “जिम 2 मोर फिटनेस” के नाम से जिम चलाता है, पहले भी राजस्थान और ओडिशा में नशे की तस्करी के मामलों में शामिल रहा है। वह ओडिशा के सप्लायरों और दिल्ली के वितरकों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करता था।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे यह गांजा ओडिशा के सिमलीगुड़ा से भिवाड़ी लाए थे और वहां से इसे दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में खपाने की तैयारी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। आरोपी अख्तर खान को मुख्य स्रोत (मुख्तार अहमद) की तलाश में ओडिशा भी ले जाया गया, लेकिन वह वर्तमान में फरार है। क्राइम ब्रांच अब इस पूरे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उनके वितरण नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच कर रही है। इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि तकनीक और फील्ड इंटेलिजेंस के तालमेल से दिल्ली पुलिस नशे के सौदागरों के मंसूबों को नाकाम करने में सक्षम है।

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