मोबाइल छीनकर भाग रहे झपटमारों को ई-रिक्शा से खदेड़ा, दबोचकर पुलिस के हवाले किया, बहादुर युवती को किया सम्मानित

नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कों पर झपटमारों के खौफ के बीच अंबेडकर नगर की 26 वर्षीय युवती तनिष्का ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए न केवल अपना लूटा हुआ मोबाइल वापस पाया, बल्कि बदमाशों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया। तनिष्का के इस जांबाज कारनामे और पुलिस की मदद करने के जज्बे को देखते हुए दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने उन्हें एक विशेष समारोह में सम्मानित किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई को ‘पुलिस-पब्लिक पार्टनरशिप’ का एक बेहतरीन उदाहरण बताया है।

वारदात बीते 19 मार्च दोपहर करीब 3 बजे की है। तनिष्का बीआरटी रोड से कालकाजी मंदिर की ओर जा रही थीं, तभी स्कूटी सवार दो बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया और फरार होने लगे। आम तौर पर ऐसी घटनाओं में लोग सहम जाते हैं, लेकिन तनिष्का ने हार नहीं मानी। उन्होंने तुरंत एक ई-रिक्शा लिया और बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने शोर मचाकर राहगीरों को भी सतर्क किया। तनिष्का के साहस को देख कुछ राहगीरों ने भी उनकी मदद की और बदमाशों को घेर लिया। तनिष्का ने दिलेरी दिखाते हुए न केवल अपना फोन वापस लिया, बल्कि पुलिस के आने तक दोनों झपटमारों को पकड़कर रखा।

सूचना मिलते ही दक्षिण जिला पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को अदालत के माध्यम से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। तनिष्का की त्वरित सूझबूझ और निडरता के कारण ही एक सक्रिय झपटमार गिरोह पर लगाम लग सकी है।

सोमवार, 23 मार्च को डीसीपी कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में डीसीपी अनंत मित्तल ने तनिष्का को उनके असाधारण साहस के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डीसीपी ने कहा कि तनिष्का का यह कदम हर उस युवती और नागरिक के लिए प्रेरणा है जो अपराध के खिलाफ खड़ा होना चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब जनता और पुलिस इस तरह मिलकर काम करेंगे, तभी अपराध मुक्त समाज का सपना साकार होगा।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More