चार महिलाओं ने अपनी बहन को बांधा, सामने पति की हत्या दिखाई; लखनऊ का निर्मम कांड

प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में रहने वाला विष्णु यादव और साक्षी सिंह का परिवार अब उजड़ चुका है। शरीर पर मार के कई गहरे जख्म लेकर विष्णु तड़पते हुए दुनिया से विदा हो गए, जो उन्हें साक्षी के ही परिवार ने दिए।
सबसे दर्दनाक है कि साक्षी को उसके ही परिवार ने जानबूझकर ये दरिंदगी दिखाई। उसने असहाय और बेबस होकर पति को हंसते हुए शख्स से एक शव में बदलते देखा। गुनाह था, लव मैरिज करना। पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट में टूटी हुईं हड्डियों की गिनती शुरू हुई, तो सभी सहम गए।

विष्णु और साक्षी की कहानी

30 वर्षीय विष्णु प्रतापगढ़ के रहने वाले थे। उन्होंने करीब चार साल पहले आशियाना निवासी तीर्थ नाथ की पुत्री साक्षी सिंह से प्रेम विवाह किया था। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में पुलिस ने बताया है कि इस हत्या का मकसद विष्णु को सबक सिखाना था, क्योंकि दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी की थी।

17 मार्च का वो दिन

खबर है कि 17 मार्च को साक्षी और विष्णु को सेक्टर 1, बंगला बाजार वाले आवास पर बुलाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं का कहना है कि यहां साक्षी को पकड़ कर बांध दिया गया और कमरे में बंद कर दिया। जबकि, विष्णु के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस ने अखबार से कहा, ‘पीड़ित की पत्नी को बांधा गया, मुंह बंद किया गया और मारपीट के दौरान बंदी बनाकर रखा गया।’

रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया, ‘आरोपियों ने विष्णु को लकड़ी के पट्टों और लोहे की छड़ से बार-बार तब तक मारा, जब तक कि वह मर नहीं गया।’

साक्षी ने सुनाई दरिंदगी की कहानी

डायल 112 पर कॉल मिलने के बाद पुलिस पहुंची और विष्णु के शव को खून में सना पाया। पुलिस ने साक्षी को बचाया। बाद में उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि उनके पिता, मां और चार बहनों ने उन्हें बांधकर विष्णु पर हमला किया था। पुलिस को साक्षी के शरीर पर भी चोट के निशान मिले थे।

ये आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपियों, तीर्थराज सिंह, उसकी पत्नी सरोज देवी और उनकी बेटियों राधा, रत्ना, ज्योति और विधि को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने लकड़ी के पट्टे और एक रॉड भी बरामद कर ली गई है।

गहरे जख्म दिए

पोस्टमार्टम से पता चला है कि विष्णु के शरीर पर Ante mortem यानी मृत्यु-पूर्व 20 चोटें आई थीं, जिनमें से 16 अकेले सिर पर थीं। इन चोटों में कई गहरे घाव, अंदरूनी चोटें, खरोंचें, खोपड़ी की फ्रैक्चर और मस्तिष्क के भीतर रक्तस्राव शामिल थे। इसके अलावा चेहरे और गर्दन पर भी अतिरिक्त घाव पाए गए।

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